रेलवे की जमीन से छुड़वाए कब्जे
रेलवेकी जमीन पर कब्जा करके बैठे दर्जनों खो-खो को आरपीएफ ने इंजीनियरिंग विंग के नेतृत्व में खदेड़ दिया। ये कब्जाधारी विगत लंबे समय से पटियाला फाटक के समीप रेलवे की जमीन पर कब्जा करके अपना कारोबार चला रहे थे। रेलवे प्रशासन कब्जामुक्त जमीन पर फेंसिंग एवं तारबंदी से कवर कराएगा।
अवैध कब्जे करके चल रहे खोखो बुधवार को अचानक ही रेलवे प्रशासन की निगाह में चढ़ गए और थोड़ी ही देर में खदेड़ दिए गए। हुआ यूं कि हिंदू संगठनों के रेल रोको आंदोलन की चेतावनी पर पटियाला फाटक पर पुलिस प्रशासन चाक-चौबंद रहा, इनके साथ रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स के जवान भी मौजूद रहे। मौके पर मुस्तैद डीएसपी गुरजीत सिंह रोमाणा ने आरपीएफ पोस्ट कमांडर राजेश मोयल का रेलवे की जमीन पर खोखे होने की ओर ध्यान दियाला। फिर क्या था, इशारा मिलते ही पोस्ट कमांडर ने इन्हें खदेडऩे की कार्रवाई को अमली जामा पहना दिया। कतार में खुले खोखो में मीट एवं मछली आदि खुले में बेची जा रही थी। पोस्ट कमांडर ने एडीईएन अनिल कुमार को सूचित किया, इनके निर्देश पर दर्जनों रेलवे कर्मचारियों ने आरपीएफ की मौजूदगी में बारी-बारी से सभी खोखे एवं ठेलों को खदेड़कर रेलवे की जमीन को कब्जामुक्त कराया। इस कार्रवाई में डेढ़ दर्जन से अधिक खोखे हटाए गए और साथ ही इन्हें दोबारा से रेलवे की जमीन पर दुकानदारी करने की चेतावनी दी। एडीईएन अनिल कुमार ने बताया कि रेलवे की जमीन पर अक्सर लोग कब्जा करके खोखे लगाकर कब्जा कर लेते हैं, इन्हें कई बार खदेड़ा जा चुका है लेकिन अब रेलवे की जमीन की फेंसिंग एवं तारबंदी करके इसे कवर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वैसे भी इन खोखों में खुले में मीट-मछली बेची जाती है जोकि जनता की सेहत से खिलवाड़ है।
खो-खो को हटाते रेलवे कर्मचारी।