कैनेडा से लौटे टीचर्स को बैठक का इंतजार
लाखोंरुपये खर्च करके शिक्षा विभाग ने पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यापकों को कैनेडा में ट्रेनिंग लेने के लिए भेजा गया। ताकि वे वहां की शिक्षा प्रणाली को अच्छी तरह से देखे और समझें और इसको प्रदेश में भी लागू किया जा सके। कैनेडा जाने के लिए 100 अध्यापक में से 48 ने आईलेट्स क्लियर किया। जो कैनेडा जाकर ट्रेनिंग लेकर वापस लौट आए हैं। उन्हें वहां से लौटे तकरीबन एक माह हो गए हैं। लेकिन अभी तक एजुकेशन सचिव उन ट्रेनिंग लेने वाले अध्यापकों के साथ बैठक करने के लिए ही समय नहीं निकाल पाईं हैं। ताकि उनके विचार सांझा किए जाए, इसे लागू करना तो दूर की बात है। अध्यापकों को कैनेडा से ट्रेनिंग दिलाने पर लाखों रुपये शिक्षा विभाग ने खर्च दिया।
उनको कैनेडा में अच्छे होटलों में ठहराया गया। एयर फेयर का पूरा खर्च उठाया गया। इतने रुपये खर्च करने और इतनी एक्सरसाइज करने के बाद भी शिक्षा विभाग इसका कोई लाभ नहीं उठा पा रहा है।
इसलिएकैनेडा ट्रेनिंग में भेजे गए : टीचरडेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत शिक्षा विभाग ने कैनेडा की युनिवर्सिटी ऑफ टोरंटों में 48 अध्यापकों को ट्रेनिंग के लिए भेजा था। इसमें अध्यापकों को बच्चों को पढ़ाने की विधियां बताई गई। उनको बताया गया कि बच्चों को कैसे सपोर्ट करना है।
बच्चों के लिए स्कूल, अध्यापक,पैरेंट्स समाज को कैसे सपोर्ट करना चाहिए। इन तमाम मामलों को ट्रेनी अध्यापकों ने शिक्षा विभाग के सचिव अंजली भाबड़ा के साथ सांझा करना था। इसके बाद इस पर विचार किया जाना था कि कैनेडा की किस पॉलिसी को पंजाब में लागू किया जाए, जिससे शिक्षा का ग्राफ बढ़ सकें।
मेरा शेड्यूल व्यस्त है जल्द ही बैठक करूंगी
^मेराशेड्यूल आजकल ज्यादा व्यस्त चल रहा है। इस कारण ही बैठक नहीं बुला पाई हूं। आने वाले कुछ ही दिनों में बैठक की जाएगी और अध्यापकों के अनुभवों को सांझा किया जाएगा। अंजलीभाबड़ा, सचिव,शिक्षा विभाग
अव्यवस्था