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अकालियों की बसों से लोग मर रहे हैं, गवाह मुकर रहे

5 वर्ष पहले
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जसकरण बराड़/नवदीप सिंगला, मुक्तसर/मोगा

बादलोंअकालियों की बसों से लगातार हो रहे हादसों में रोजाना लोग कुचलकर मर रहे हैं और पुलिस कार्रवाई के नाम पर ड्राइवर पर लापरवाही के तहत एफआईआर, थाने में ही जमानत और रिहाई हो रही। मामला कोर्ट में पहुंचता है तो एक के बाद एक गवाह मुकर जाते हैं। सजा तो दूर, एक केस में भी जुर्माना नहीं हुआ। मंगलवार को भी ऐसी ही घटनाएं हुईं, जिसमें हलका लंबी के गांव कवरवाला में सीएम परिवार की ही डबवाली ट्रांसपोर्ट ने एक रेहड़ाचालक को पीछे से टक्कर मारकर उड़ा दिया, जिसकी अस्पताल में मौत हो गई। शाम को बठिंडा में अकाली दल के गिद्दड़बाह के हलका इंचार्ज हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लो की न्यू दीप कंपनी की बस ने माली हेतराम को पीछे से टक्कर मारी और कुचलकर 200 फीट तक घसीटकर ले गई। ड्राइवर फिर मौके से फरार, थाने में लापरवाही की एक और एफआईआर। दूसरी ओर, ऑर्बिट बस कांड की मुख्य पीड़ित गवाह छिंदर कौर भी मुकर गई। आरोपियों को पहचानने से इनकार कर दिया। आरोपी पक्ष की जमानत की याचिका पर सुनवाई 19 फरवरी को होगी।

बठिंडा में मृतक के परिवारवाले।

^ मरने वाले लोगों के समझौते खुद एसएसपी करवाते हैं। फिर चाहे वह चन्नू में हुआ हादसा हो, भगता का हो। हर जगह एसएसपीज जाकर परिवार पर दबाव बनाते हैं। कांग्रेस इंसाफ के लिए संघर्ष करेगी। -चरणजीतचन्नी,कांग्रेस

^ पंजाब में लॉ एंड आॅर्डर नहीं, बादल का कानून चलता है। तभी तो रोजाना बसों के नीचे लोग कुचलकर मर रहे हैं और गवाह मुकर रहे हैं। पुलिस कठपुतली और नेता गुंडागर्दी पर उतारु हैं। -संजय सिंह,पंजाबप्रभारी, आप

केस तो बने, कार्रवाई नहीं हुई

केस 2: पटियाला में केस के चालान से गायब किया बस का नाम

जनवरी2013 को पटियाला निवासी हॉकी कोच हरदेव सिंह को ऑर्बिट कंपनी की बस ने टक्कर मार दी। अपाहिज होकर हरदेव सिंह कंपनी के खिलाफ केस लड़ता रहा। मगर जब पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया तो बस का नाम ही गायब कर दिया। बाद में हरदेव सिंह ने कानूनी लड़ाई लड़कर इसे ठीक करवाया। अभी भी अदालत में कानूनी लड़ाई लड़ रहा है।

केस 1 : पहले परिवार गायब हुआ, फिर अदालत में बदले गवाहों के बयान

29अप्रैल 2015 को मोगा-बाघापुराना के बीच ऑर्बिट बस से 12 साल की अर्शदीप और उसकी मां को फेंक दिया गया, जिससे अर्शदीप की मौत हो गई। इस मामले में जांच के लिए जस्टिस बाली आयोग जब मोगा पहुंचा तो पीड़ित परिवार सरकारी गनमैन समेत गायब हो गया। जब 4 के खिलाफ पुलिस ने चालान पेश किया तो वहां पर पहले से पेश किए गवाह और पिता सुखदेव मुकर गए। अब उसकी मां छिंदर कौर ने आरोपियों की पहचान नहीं की।

मोगा ऑर्बिट बस कांड में मंगलवार को सुनवाई के दौरान मृतक अर्शदीप की मां छिंदर कौर ने पेश किए चारों आरोपियों को पहचानने से इनकार कर दिया। उसने कहा जब घटना हुई तो उसे कोई सुरत नहीं थी कि क्या हो रहा है ? और पुलिस ने जो केस दर्ज किया है वह मेरा बयान नहीं है। 45 मिनट अदालत में हुए अपने बयान में छिंदर कौर ने तो आरोपी पहचाने ही उनके खिलाफ बयान दिया। सुबह 11 बजे छिंदर कौर पति सुखदेव के साथ अदालत पहुंची और 12 बजे तक वहां रही। जज को दिए बयान में छिंदर कौर ने कहा कि 29 अप्रैल को जब घटना हुई तो उसे सुरत नहीं थी। 30 अप्रैल को पुलिस ने उसके बयान पर जो एफआईआर दर्ज की यह उसके बयान नहीं हैं, पुलिस ने अपनी और से लिखे हैं। छिंदर कौर के बेटे आकाशदीप की 9वीं की परीक्षा होने से उसके मंगलवार को बयान नहीं हुए, अब 25 मार्च 2016 को होने वाली केस की अगली सुनवाई पर उसके बयान होंगे। -पढ़ें|पंजाब पेज

पहला हादसा |सुबह 6.30बजे हलकालंबी के गांव कवरवाला के पास मुख्यमंत्री परिवार की डबवाली ट्रांसपोर्ट की बस ने एक रेहड़ा चालक को पीछे से टक्कर मार दी। इससे गांव सरावा बोदला निवासी ईंट भट्‌ठे पर काम करने वाला रोशन (50) जख्मी हो गया। अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस ने बस चालक गुरप्रीत पर केस दर्ज कर लिया, मगर गिरफ्तारी नहीं हुई। मृतक के परिवार ने लाश अस्पताल में रखकर धरना दिया।

दूसराहादसा | शाम 4.45 बजे बठिंडाके एनएफएल के सामने अकाली नेता हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लो की बस ने एक माली राम हेत (60) को टक्कर मार दी। बस इतनी तेज रफ्तार थी कि 200 फीट तक रामहेत को घसीटकर ले गई। जब लोगों ने बस पर पथराव किया तो ड्राइवर भाग निकला। न्यूदीप बस से पिछले 5 दिन में ही यह दूसरी जान ली है। पुलिस ने ड्राइवर पर केस दर्ज कर लिया है।

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