मजदूर मुक्ति मोर्चा आज से एसडीएम दफ्तर के आगे देगी रोष धरना
सफेदमक्खी के हमले से खराब हुई नरमे की फसल के मुआवजे के लिए किसानों द्वार किए संघर्ष के बाद बेशक पंजाब सरकार से आठ हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा ले लिया है, लेकिन इस फसल बर्बाद होने से बेरोजगार हुए गरीब मजदूर परिवारों को मुआवजा मिलने चलते गरीब परिवारों में सरकार के खिलाफ रोष पाया जा रहा है।
मजदूरोंको मिलना था 10 फीसदी मुआवजा: बेशकपंजाब सरकार द्वारा किसान मजदूरों को बर्बाद नरमे की फसल का मुआवजा देने के लिए मानसा जिले में 114 करोड़ बठिंडा में 220 करोड़ जारी किए गए ओर उसमें से 10 फीसदी मुआवजा खेत मजदूरों को देना था, लेकिन अभी तक मजदूरों की कोई लिस्ट ही नहीं बनाई गई। गौरतलब है जिला प्रशासन द्वारा किसानों की फसल की गिरदावरी कर उनको मुआवजा दे दिया गया है, लेकिन जो खेत मजदूरों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। जिसके चलते मजदूरों में सरकार के खिलाफ रोष पाया जा रहा है। अभी तक मुआवजा मिलने के रोष के चलते सीपीआई (एमएल) लिबरेशन द्वारा जिले में एसडीएम कार्यालय के सामने धरना दिया जा रहा है।
लिबरेशन नेता भगवंत सिंह समायों ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा राशि तो जारी की गई है लेकिन अभी तक गरीब लोगों को मुआवजा राशि नहीं मिली है। इस लिए वह सरकार के खिलाफ 15 फरवरी से 17 फरवरी तक लगातार एसडीएम के कार्यालय के सामने धरना शुरु करने जा रहे है।
लिस्ट बनाई जा रही है: एसडीएम
एसडीएमराकेश कुमार ने बताया कि खेत मजदूरों को मुआवजा देने के लिए लिस्टें तैयार करनी शुरु कर दी है। 10 फीसदी के हिसाब से जितना मुआवजा बनेगा वह खेत मजदूरों के खाते में डाल दिया जाएगा तथा जिले भर में यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मुआवजा दिया जाएगा।