लावारिस पशुओं के मामले में 2 मार्च को अगली पेशी
लावारिसपशुओं को लेकर परमानेंट लोक अदालत में चल रहे केस के मामले में मंगलवार को कोर्ट ने 2 मार्च अगली तारीख मुकर्रर कर दी है।
शिकायतकर्ता की तरफ से वकील संजय गोयल पेश हुए। जो पहले नगर निगम के पैनल में शामिल हो गए थे जिसके बाद केस वकील आशु बंसल को दे दिया गया था। मगर अब फिर से एडवोकेट संजय गोयल ने केस की पैरवी की। जिन्होंने निगम को पशुओं को पकड़ने के लिए पक्की रिपोर्ट देने की बात कही जिसके लिए उन्होंने कोर्ट के सामने जिला प्रशासन से भी पूरी रिपोर्ट देने की दलील रखी। उनका कहना था कि शहर में करीब 2500 पशु घूम रहे हैं जिनको पकड़ने के लिए निगम ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई जिसकी वजह से शहर में आए रोज हादसे हो रहे हैं।
गोशालाकी डेडलाइन भी खत्म:जिला पशुभलाई सोसायटी बठिंडा की तरफ से गांव हररायपुर में ढाई करोड़ रुपए की लागत से बनाई जा रही गोशाला का निर्माण कार्य भी अपनी डेड लाइन से पिछड़ गया है। जिला प्रशासन का दावा था कि गोशाला में 31 जनवरी तक 500 से अधिक पशुओं को छोड़ दिया जाएगा। मगर यहां पर अभी पशुओं को छोड़ना तो दूर गोशाला के पहले फेज का का निर्माण कार्य भी पूरा नहीं हो पाया। जिसको अभी पूरा होने में लगभग 20 दिन का समय लग जाएगा। जिसके बाद ही पशुओं को वहां पर छोड़ा जाएगा
सेक्शन 22 सी के तहत निगम के खिलाफ केस
मालरोड पर पैपे शोरूम के संचालक हरजिंदर सिंह मेला ने एडवोकेट संजय गोयल के मार्फत सेक्शन 22 सी के तहत परमानेंट लोक अदालत में नगर निगम के कमिश्नर के खिलाफ 28 नवंबर 2014 केस दर्ज किया था। इस केस में अदालत ने नगर निगम के कमिश्नर को समन जारी कर 17 दिसंबर को अदालत के सामने पेश होने को कहा। जिसके बाद केस की कार्रवाई चल रही है। यहां बताना जरूरी है कि शहर को आवारा पशुओं से मुक्त करने की जिम्मेदारी नगर निगम की है। मौजूदा समय में नगर निगम फेल साबित हो रहा है।