अकाली नेता की बस ने ली पति की जान, इंसाफ की उम्मीद नहीं
न्यूदीप बस सर्विस ने हमारे घर का दीपक सदा के लिए बुझा दिया। हमने किसी का क्या बिगाड़ा था जो भगवान ने इतनी बड़ी सजा दी है। पिता जी सुबह कह कर गए थे कि आज जल्दी लौट आऊंगा पर वो अब कभी नहीं लौटेंगे।
यह कह कर मृतक की बेटी सुमन फफक कर रो पड़ी। सिविल अस्पताल में सुमन की माता बेसुध हालत में थी, उसे हर कोई चुप करवाने की कोशिश कर रहा था पर सभी कोशिशें बेअसर साबित हो रही थी। इंदर देवी की आंखों से बहते आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे।
भाईको मत बताना की पापा नहीं रहे
रोरही मां को ढांढस बंधाने की कोशिश सुमन करती रही। सुमन ने बताया कि उसका भाई मनोज नौकरी की तलाश में अपनी मौसी के घर पूना गया है। सुमन ने वहां पर खड़े अपने अंकल को कहा कि अंकल भाई को फोन लगा लो पर उन्हें मत बताना कि पिता जी नहीं रहे। सुमन ने बताया कि वह एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाकर पिता का हाथ बंटाती थी। 8500 रुपए में घर नहीं चलता इसलिए नौकरी करती हूं।
सब लोग चुप करने की कह रहे हैं: इंदर देवी
एनएफएलमें करीब 30 साल से माली के तौर पर काम करने वाले रामहेत की प|ी इंदर देवी ने सिविल अस्पताल में रुंधे गले से कहा कि अकाली नेता की बस ने मेरे पति की जान ली है। उन्हें इंसाफ मिलेगा या फिर नहीं यह उन्हें कोई नहीं बता रहा है सब चुप करो चुप करो कह रहे हैं, हमारा यहां कोई रिश्तेदार नहीं है जो हमारे साथ इस समय खड़ा हो सके।
मुझसे पूछ कर गया था कि सैलरी गई: राम कुमार
एनएफएलमें 19 माली काम करते हैं। सब ठेके पर काम करते हैं। यह बात एनएफएल में माली के तौर पर काम कर रहे राम कुमार ने कही। राम कुमार ने बताया कि रूटीन की तरह सुबह आठ बजे हम काम पर आए थे। ड्यूटी समाप्त होने के बाद रामहेत मेरे पास आया था मुझसे पूछा था कि क्या खाते में सैलरी गई है क्या घर के लिए कुछ सामान ले कर जाना था। माली राम कुमार ने बताया कि रामहेत दिल से नेक इंसान था उसे अभी तक भरोसा नहीं हो रहा कि वह अब इस दुनिया में नहीं रहा।
बठिंडा में एनएफएल के पास न्यू दीप कंपनी की बस जिसने एक व्यक्ति को कुचल दिया। फोटो: अश्वनी काका।