ईंट-भट्ठा मजदूरों ने जताया आक्रोश बंधुआ मजदूरी करवाने का आरोप
गांवफूल के नजदीक स्थित एक ईंट भट्ठे के मजदूरों ने वालंटियर्स फॉर सोशल जस्टिस के नेतृत्व में अपनी अपने परिजनों की ‘आजादी’ हासिल करने को डिप्टी कमिश्नर दफ्तर के सामने धरना दिया।
मजदूरों ने हाथों में ‘आजाद भारत के गुलाम बंधुआ मजदूर’ लिखी तख्तियां लेकर इंसाफ की गुहार लगाई। मजदूरों की दशा बारे जानकारी देते हुए वालंटियर्स फॉर सोशल जस्टिस के पदाधिकारी गंगा ने बताया कि इन ईंट भट्ठे के मालिकों द्वारा उत्तर प्रदेश के कुछ मजदूरों के परिवारों को 5 से 10 हजार रुपये एडवांस देकर बठिंडा लाया गया था।
उन्होंने कहा कि यहां उन्हें कठिन परिस्थितियों में काम करवाया जा रहा है समय पर वेतन नहीं दिया जाता। यही नहीं उक्त मजदूर परिवारों को पानी, दवाइयां, रहने के लिए उचित जगह आदि का कोई प्रबंध नहीं है जिसके चलते मजदूरों के बच्चे बीमार हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि बाद में भट्ठा मालिक ने इन मजदूरों के काम असंतुष्टि प्रकट करते हुए उन्हें वेतन देने से इंकार कर दिया एडवांस दिए गए पैसे वापस करने तक भट्ठे पर बिना वेतन काम करने का दबाव बनाया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रशासन के पास इंसाफ की गुहार लगाई गई लेकिन प्रशासन ने भट्ठे का दौरा करके पड़ताल करने के बावजूद मजदूरों की कोई मदद नहीं की। इसी कारण मजदूरों को धरना देने को मजबूर होना पड़ा।
उन्होंने मांग की कि उक्त मजदूर परिवारों को इंसाफ दिलवाया जाए। बाद में अधिकारियों ने आकर संगठन सदस्यों मजदूरों से बातचीत करके उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बठिंडा में भट्ठा मजदूर यूनियन के सदस्य मांगों को विरोध प्रदर्शन करते हुए।