बठिंडा. फेस्टिवल सीजन शुरू होते ही शहर के बाजारों में शुक्रवार को अतिक्रमण हटवाने पहुंचे नगर निगम के अफसरों को दुकानदारों के गुस्से का सामना करना पड़ा।
किकर बाजार में दोपहर 3 बजे जब नगर निगम के अफसर और कर्मचारियों ने दुकानों के बाहर रखा सामान उठवाया ताे तैश में आए दुकानदारों ने उन्हें बीच सड़क पर ही बंधक बना लिया।
शाम करीब छह बजे तक निगम टीम बंधक बनी रही। इतना ही नहीं दुकानदारों ने निगम के कैंटर में दुकानों के आग से उठाकर रखा गया सामान भी निकाल लिया और नारेबाजी करते हुए बीच सड़क पर ही धरना लगा दिया। रात 8 बजे तक धरना लगाने के बावजूद जब कोई भी प्रशासनिक अफसर मौके पर नहीं पहुंचा तो दुकानदारों ने 27 सितंबर को बाजार बंद रखकर शांतमय रोष मार्च का ऐलान कर दिया। इसी बीच मामला बढ़ता देख थाना कोतवाली की पुलिस मौके पर पहुंची और दुकानदारों को समझाने की कोशिश की।
निगमकर्मियों और दुकानदारों में बहसबाजी : तहबाजारीसुपरिटेंडेंट कुलविंदर सिंह
किकर बाजार में दोपहर लगभग 3 बजे नगर निगम के अमले के साथ पहुंचे थे। कुछ देर में ही अमले ने फुटपाथ पर पड़ा सामान कैंटर में लादना शुरू कर दिया। इसी बीच दुकानदारों निगम की कार्रवाई का विरोध भी किया लेकिन कर्मचारी सामान उठाते रहे। माहौल उस दौरान गर्म हो गया जब निगम अमले और दुकानदारों में बहसबाजी हो गई।
सूचना पाकर मौके पर थाना कोतवाली पुलिस पहुंची। निगम की इस कार्रवाई का गंभीर नोटिस लेते हुए किकर बाजार वेलफेयर एसोसिएशन के आह्वान पर दुकानदारों ने कैंटर के आगे धरना लगा दिया।
इसकी सूचना मिलते ही नगर निगम के एक्सईएन बीडी सिंगला, सुपरिटेंडेंट हरबंस लाल, प्रदीप सिंह, एसडीओ रमन कुमार जेई राजिंदर सिंह, सुखमिंदर सिंह भी वहां पहुंचे, जिन्हें दुकानदारों ने घेर लिया और नारेबाजी शुरू कर दी। दुकानदार देर रात 8 बजे तक धरना लगाए रहे, इन्होंने संसदीय सचिव सरूप चंद सिंगला से भी संपर्क के बावजूद कोई रिस्पांस मिलने की शिकायत जताई। दुकानदारों ने कहा कि अगर फेस्टिवल सीजन में उनके साथ अन्याय होगा तो वे चुप नहीं बैठेंगे क्योंिक यह उनकी रोजी-रोटी का सवाल है।
दुकानदार जीवन गोयल ने निगम की इस कार्रवाई को नाजायज ठहराते हुए 27 सितंबर को किकर बाजार मुकम्मल बंद रखने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन के खिलाफ धोबी बाजार में से शांतिमय रोष मार्च निकाला जाएगा।