निगम कमिश्नर ईशा की मुहिम को पीएमओ ने दिया सम्मान
प्रधानमंत्रीदफ्तर (पीएमओ) ने बठिंडा नगर निगम की कमिश्नर ईशा कालिया को उनकी तरफ से पोस्ट की गई बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना में एक दिन के लिए अपने सपनों को पूरा करो मुहिम के लिए सम्मानित किया है।
ईशा कालिया को मिलने वाले इस सम्मान को लेकर सभी अधिकारियों ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह आईएएस समुदाय के लिए गर्व का दिन है। पीएमओ ने की पहल की सराहना महिला अधिकारी ने अपनी वेबसाइट पर हाल ही में पीएमओ की तरफ से बनाई गई साइट बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना में ईशा कालिया ने पहल करते हुए उड़ान नाम से एक योजना बनाई इसमें लड़कियों को एक दिन के लिए अपने सपने को लाइव करने का मौका दिया गया। इसमें सैकड़ों लड़कियों को जोड़कर उनके अंदर आत्म विश्वास पैदा किया गया। पीएमओ ने ईशा कालिया की पहल की सराहना करते अपनी वेबसाइट पर इसकी खबर आइटम काम को पोस्ट किया गया है। वही उन्हें इस पहल के लिए बधाई दी है।
निगम कमिश्नर ईशा कालिया।
केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने भी की कालिया की प्रशंसा
प्रधानमंत्रीकार्यालय (पीएमओ) की वेबसाइट पर हुई टिप्पणियों के बाद केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, हरसिमरत कौर बादल ने भी फेसबुक पेज पर ईशा कालिया की पहल की सराहना की। हरसिमरत कौर ने पेज पर लिखा हैं, मैं सुश्री ईशा कालिया की पहल उड़ान के लिए एक दिन के लिए अपने सपने को जीने की मुहिम की प्रशंसा करती हूं।
ईशा कालिया ने एक दिन के लिए अपने सपने को लाइव करे के रूप में एक अभियान चलाया था जिसकी बहुत प्रशंसा हुई हैं। इसमें ईशा ने अपनी तरफ से भरी गई उड़ान और इसके माध्यम से लड़कियों को प्रेरित करने के लिए अलग से पहल की। इस कार्यक्रम की सामाजिक मीडिया साइटों पर भारी प्रशंसा हुई और इसमें लड़कियों से उन्हें काफी सकारात्मक जवाब मिला। विभिन्न स्कूलों के छात्रों की तरफ से बड़ी संख्या में खुद को नामांकित किया वहीं कई अधिकारियों ने भी इसमें अपने अनुभव साझे किए। दिल्ली से एक 10 साल की लड़की जूमिया त्यागी ने सोशल मीडिया में इस कार्यक्रम के बारे में पढ़ा तो वह एक दिन का सपना पूरा करने के लिए मानसा पहुंच गई। ईशा की तरफ से शुरू की गई उड़ान मुहिम के तहत लड़कियों को एक दिन के लिए अपने सपनों को जीने का मौका दिया जाता है। इसमें लड़कियां एक पुलिस या आईएएस अधिकारी बनती है और उन्हें काम करने के बारे में जानकारी दी जाती है इससे वह अपने करियर के बारे में फैसला लेने में मदद हासिल करती है। इस दिन वह दफ्तर में होने वाले हर कामकाज में सहभागिता करती है। इससे लड़कियों के अंदर किसी पुलिस के बारे में पैदा हुए डर पर काबू पाने में मदद तो मिलती है।
मैं खुश हूं कि मेरी मुहिम को सराहा गया: ईशा
ईशाकालिया ने कहा, मैं काफी खुश हूं कि लोगों ने मेरी पहल का समर्थन किया। यह सब उन्होंने लड़कियों के अंदर आत्म विश्वास पैदा करने के लिए शुरू किया और मानसा के छात्रों का पूरा समर्थन मिला और पुलिस विभाग ने भी उन्हें इसमें सहयोग दिया। यह महत्वपूर्ण है कि हम युवा मन को सपने को समझे और उन्हें पूरा करने के लिए उनके अंदर आत्म विश्वास पैदा करे। लड़कियों के अंदर वह इसी तरह का विश्वास पैदा करना चाहती है कि वह किसी से कम नहीं है बस उन्हें अपने अंदर एक विश्वास जगाने की जरूरत है।