कोई भी पुस्तक पढ़ने से पहले समझना जरूरी : प्रो. परमिंदर
सेंट्रलयूनिवर्सिटी पंजाब के क्लासिकल एंड आधुनिक भाषा केंद्र की ओर से बुधवार को साहित्य पाठ कैसे पढ़े विषय पर विशेष सेमिनार कराया गया। मुख्य वक्ता के तौर पर पधारे गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी के इंग्लिश विभाग प्रमुख प्रो. परमिंदर सिंह ने भाषा की विभिन्न विशेषताओं का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि किसी पाठ्य पुस्तक को पढ़ने से पहले यह समझना जरूरी है कि भाषा की प्रकृति क्या है, यह कैसे काम करती है और साहित्य से इसका कैसा संबंध है। उन्होंने भाषा को चिन्ह प्रणाली के तौर पर परिभाषित करते हुए इसके सामाजिक सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य को उजागर किया। उन्होंने चिन्ह वैज्ञानिक अध्ययन मॉडल के हवाले से साहित्यिक पाठ की सृजना एवं इसे पढ़ने से संचारित होने वाले अर्थ संचार तक पहुंचने की विधियों की चर्चा की। उन्होंने नानक सिंह के मील पत्थर साबित हुए नावेल पवित्र पाली में उदाहरण पेश करके पाठ को पढ़ने की व्यवहारिक समझ सृजन का प्रयास किया। इंटरेक्शन सेक्शन में स्टूडेंट्स ने विशेष दिलचस्पी दिखाई। डीन स्कूल डॉ. एसके बावा, तुलनात्मक साहित्य केंद्र से डॉ. जमीर पाल संधू, डॉ. राजिंदर कुमार क्लासिकल एवं आधुनिक भाषा केंद्र से डॉ. अल्पना सैनी, डॉ. साहिला जफर, डॉ. तरुण अरोड़ा, समाज विज्ञान से डॉ. सुमेधा दत्ता भी हाजिर रहे। साहित्य एवं रिसर्च स्टूडेंट्स ने भी इसका फायदा लिया। डॉ. अल्पना सैनी डॉ. जमीर पाल संधू ने आभार जताया।