होशियारपुर। देश के विभिन्न हिस्सों के रहने वाले 10 भारतीय (जिसमें दो पंजाब से हैं) पिछले पन्द्रह माह से नाईजेरिया के जेल में नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।
शुक्रवार को होशियारपुर के माडल टाऊन के रहने वाले गगन कुमार भारद्वाज व गुरदासपुर के सरबजीत कौर के परिजनों के साथ साथ अन्य युवकों के परिजनों ने सांसद अविनाश राए खन्ना से मिल अपने बच्चों को सुरक्षित वापसी के लिए मार्मिक गुहार लगाई।
परिजनों को अभी तक मिल रहा है सिर्फ आश्वासन
25 नवंबर 2012 के बाद से नाइजीरियाई जेल में बंद भारत के 10 युवाओं को फरवरी 2013 में लागोस में स्थित नाइजीरिया के संघीय उच्च न्यायालय द्वारा जमानत मिलने के बावजूद भारतीय वाणिज्य दूतावास (कॉसुलेट) की ओर से उनकी रिहाई के लिए एक लिखित आश्वासन के अभाव में वे अभी तक नाइजीरियन जेल में ही सड़ रहे हैं।
नाइजीरियाई न्यायालय के पीठासीन न्यायाधीश ने उन्हें पिछले साल 5 फरवरी को जमानत दे दी थी और उन्हें रिहा करने का आदेश दिया था। अदालत ने उनकी रिहाई के लिए भारतीय वाणिज्य दूतावास की ओर से यह लिखित आश्वासन दिए जाने की शर्त रखी थी कि उन्होंने कानूनी तौर पर नाइजीरिया में प्रवेश किया था। उक्त आश्वासन न जारी किए जाने के चलते वह जमानत मिलने के दस माह बाद भी बाद जेल में सड़ने के मजबूर हैं।
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खबर: अमरेन्द्र मिश्रा