बलाचौर (नवांशहर)। टूर्नामेंट कहीं भी हो अमृतसर के गांव मन्नां का युवक दयाल अपना करतब दिखाने पहुंच जाता है। 32 वर्षीय दयाल पोलियोग्रस्त होने के कारण दोनों पैरों से विकलांग है, लेकिन उसके हौसले बुलंद हैं।
अपने दोनों हाथों के सहारे शरीर चरखी की तरह घुमाने के साथ ही वह अपने हाथों के सहारे आगे-पीछे दौड़ सकता है। दयाल ने बताया कि बहनों में वह अकेला भाई है। उसने कहा कि उसका परिवार बहुत गरीब है। बस टूर्नामेंटों और मेलों से जो मिलता है, उसी से गुजारा चलता है।
आगे की स्लाइड में पढ़ें, दो मिनट तक अपनी बांहों के सहारे घूमते हुए 100 चक्कर लगाए