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200 शिक्षको को शांति भंग में जेल , रेगुलर करने की मांग को लेकर होनी थी रैली

7 वर्ष पहले
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जालंधर. सीएम आवास के सामने महिला शिक्षक द्वारा आग लगाने के मामले के बाद सरकार ने शनिवार को इतनी गंभीरता दिखाई कि प्रदर्शन करने आए शिक्षकों वर्करों को एकजुट ही नहीं होने दिया। रेगुलर करने की मांग को लेकर लुधियाना में मिड डे मील एंड कुक कर्मचारियों की रैली थी, तो देश भगत यादगार हॉल से पीएपी चौक जाम करने तक शिक्षा प्रोवाइडर अध्यापकों की रैली थी। इसलिए वहां जाने से पहले ही टीचर्स को पुलिस ने जगह-जगह से उठाना शुरू कर दिया।
पीएपी चौक, रामामंडी, मकसूदा चौक और पठानकोट चौक के अलावा देश भगत यादगार हॉल में जुटे टीचर्स को हिरासत में लिया। देर शाम डीसीपी नवीन सिंगला ने बताया कि करीब 200 से ज्यादा शिक्षा प्रोवाइडरों पर अमन-शांति भंग करने का मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।

पीएपी चौक पर तो यह हाल दिखा कि शिक्षा प्रोवाइडर सवारियों की तरह इधर-उधर खड़े हुए थे और पीएपी के साथ लगती पैपकोज केंटीन में चाय पीने के लिए बैठ गए थे। पुलिस ने वहां से भी सभी उठा लिया। कुछ यात्रियों को तो पुलिस टीचर समझ कर हिरासत में लेकर गाड़ियों में डाल रही थी, जिन्होंने अपना कंपनी संबंधित कार्ड दिखाकर पुलिस को समझाया। तब उन्हें छोड़ा गया।
पंजाब प्रधान अजमेर औलख ने बताया कि दस साल की की सेवाओं के बावजूद उन्हें रेगुलर नहीं किया गया। राज्य में करीब सात हजार शिक्षक संघर्ष कर रहे हैं। एक अप्रैल, 2012 को शिक्षा मंत्री ने एसएसए का ग्रेड देने की मांग स्वीकार कर ली थी, मगर उसे लागू नहीं किया अभी थी। यही कारण है कि उन्हें अपने हक के लिए संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ा। इसलिए सुबह 11 बजे यूनियन ने देश भगत यादगार हाल में इकट्ठे होकर रोष पीएपी चौक तक रैली निकाल चक्का जाम करना था। वह अगली बार इससे भी कड़ा संघर्ष करेंगे। ऐसे में किसी प्रकार की घटना होने की जिम्मेदार खुद सरकार होगी। यूनियन ने मांग की है कि जल्द से जल्द अध्यापकों को रैगुलर किया जाए और हिरासत में लिए गए शिक्षा प्रोवाइडरों पर पर्चे दर्ज किए बिना रिहा किया जाए। यहां गुरप्रीत सिंह, जिंदर पायलेट, शमशेर, सुखबीर फतेहगढ़ साहिब, मनजीत लुधियाना, अमनदीप गुरदासपुर, सुखविंदर अमृतसर, पंकज, जसवीर सिंह मोगा, जसवीर फिरोजपुर, विपन, हरजिंदर सिंह खैहरा, कुलदीप सिंह, परमिंदर सिंह और संदीप थे।