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मेडिकल कैंप लगाने के लिए मंजूरी लेनी जरूरी
कैंप आखों की रौशनी जाने के बाद सेहत महकमे ने की सख्ती
भास्करन्यूज | जालंधर
जिलेमें 90 फीसदी डिलीवरियों अस्पतालों में होनी शुरू हो गई हैं। 38 फीसदी सरकारी और 52 फीसदी प्राइवेट अस्पतालों में हो रही हैं। 10 फीसदी घरों में हो रही हैं। वीरवार को जिले के एसएमओ की मंथली मीटिंग हुई। इसमें सिविल सर्जन डॉ. आरएल बस्सन ने बताया कि जिले में होने वाले किसी भी मेडिकल कैंप, आंखों का चैकअप और सफेद मोतिया का चैकअप कैंप लगाने से पहले सेहत विभाग की मंजूरी लेना जरूरी होगा। जो विभाग की मंजूरी लिए बिना कैंप लगाएगा उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि घरों में हो रहीं 10 फीसदी डिलीवरियों को इंस्टीट्यूशनल डिलीवरियों में बदलना, कैंसर राहत कोष से मिलने वाली मदद और 108 और 104 मेडिकल हेल्पलाइन बारे लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए काम करने की जरूरत है। 18 से 20 दिसंबर तक पल्स पोलियो अभियान चलाया जाएगा। मौके पर डॉ. गुरमीत कौर दुग्गल, डॉ. हरपाल कौर, दीपक डोगरा और अमरजीत कौर मौजूद रहीं।