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पंजाबी भाषा में नहीं किया काम तो सीएम लेंगे एक्शन
राज्यभर के सरकारी स्कूलों और दफ्तरों में अब पंजाबी भाषा में काम नहीं किया तो मुख्यमंत्री उनके खिलाफ सीधे एक्शन लेंगे। इसकी जिम्मेदारी खुद अधिकारी कर्मचारी की होगी। दफ्तरी काम को पूरी तरह पंजाबी में करने के लिए उच्च अधिकारियों ने आदेश जारी कर दिए हैं। जिला भाषा अफसर अमरजीत सिंह ने भी पंजाबी के इस्तेमाल के लिए सभी विभागों को पत्र जारी कर दिया है। इसमें कहा गया है कि सरकार की टीमें खुद चेकिंग करेंगी। इसमें बच्चों की पढ़ाई और बुनियादी सहूलियतों सहित दफ्तरी कामकाज की भाषा को भी चेक किया जाएगा। चेकिंग में कमी सामने पर रिपोर्ट मुख्य दफ्तर और वहां से मुख्यमंत्री दफ्तर तक भेजी जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी सेकेंडरी हरिंदरपाल सिंह ने सभी दफ्तरों, सुपरिंटेंडेंट अमला लेखा, सेक्शन अफसर, आईसीटी, एजुसेट, रमसा, वोकेशनल, जिला गाइडेंस काउंसलरों सहित सभी स्कूल प्रमुख और प्रिंसिपलों को अपने अधीन दफ्तरों में पंजाबी भाषा में ही कामकाज करने के लिए आदेश दे दिए हैं।
पंजाबीभाषा को लेकर सरकार के आदेश
पंजाबराज भाषा एक्ट 1967 और राज भाषा एक्ट 2008 में सभी को अपनी दफ्तरी कामकाज की भाषा एक्ट के मुताबिक पंजाबी भाषा ही की जानी है। इस पर मुख्यमंत्री ने कड़ा नोटिस लेते हुए लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई करने के लिए कहा है।