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सीबीएसई ने स्कूलों से कहा- अपनी परफॉर्मेंस रिव्यू करो
सीबीएसईने देशभर के स्कूलों को ‘सारांश’ नाम से विकल्प दिया है कि वह अपनी दसवीं क्लास की पिछले सात साल की और 12वीं क्लास की साल 2009 से परफॉर्मेंस रिव्यू कर सकें। बोर्ड ने वेबसाइट पर यह जानकारी मुहैया करवाई है। पिछले सात साल का दसवीं का और 12वीं का 2009 की परफॉर्मेंस रिव्यू करवाने का मकसद है कि स्कूल जानें कि उनके स्कूल में रिजल्ट कैसे प्रभावित हुआ। सीबीएसई द्वारा भेजा जाने वाला यह रिव्यू स्टूडेंट्स के प्रॉब्लम सॉल्विंग एबिलिटी (पीएसए), बोर्ड एग्जामिनेशन में फाइनल रिजल्ट के मिलाकर आधार बनाया जाएगा। इन दोनों को मिलाकर अगर परफॉर्मेंस किसी साल डाउन लगती है तो यह मदद करेगा कि उन्हें टीचिंग और लर्निंग स्तर पर कौन-सी दिक्कतें हैं, उन्हें सुधारा जा सके। सबसे खास बात है कि स्कूल अपना रिजल्ट रीजनल, स्टेट और नेशनल लेवल पर दूसरे स्कूलों के साथ कंपेयर कर सकते हैं।
बोर्डने चार्ट और ग्राफ के जरिए देगा जानकारी : बोर्डने परफॉर्मेंस दिखाने के लिए चार्ट और ग्राफ्स का सहारा लिया है। इसकी मदद से दूसरे स्कूलों से तुलना की जा सकती है। सारांश के माध्यम से भी जाना जा सकता है कि दूसरे स्कूल कहां और कैसे आगे निकल गए। इसका मकसद मैनेजमेंट, प्रिंसिपल और टीचरों को फोकस देना है कि वह डिस्कशन करें कि टीचिंग और लर्निंग में क्या दिक्कतें हैं और उन्हें कैसे ठीक किया जा सकता है। डायरेक्टर इनोवेशन, रिसर्च और ट्रेनिंग साधना पराशर ने सभी स्कूलों को चिट्ठी भेज कहा है कि सारांश को कॉम्प्रिहेंसिव सेल्फ रिव्यू माना जाए। सीबीएसई की वेबसाइट पर जाकर सारांश पर क्लिक करें अपने स्कूल का कोड भरकर रिजल्ट लें और रिव्यू करें