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हर संस्कृति का अपना महत्व, सभी देशों के कल्चर का सम्मान करें
एकहीजगह पर चीन, भारत, जापान अन्य देशों के कल्चर का संगम देखने को मिला एपीजे स्कूल टांडा रोड में। मौका था एनुअल फंक्शन का। इसमें एपीजे सत्य यूनिवर्सिटी के प्रो. चांसलर आदित्य बरलिया चीफ गेस्ट थे। समारोह की शुरुआत बच्चों ने प्रभु की अराधना से की। इसमें बच्चों ने विभिन्न देशों की संस्कृतियों को पेश किया गया। उन्होंने बताया कि हर देश की संस्कृति अलग होती है। हमें सभी का सम्मान करना चाहिए। स्टूडेंट्स ने कठपुतलियां बनकर स्वर्गीय सत्यपॉल की मेहनत और कर्म के प्रति सच्ची निष्ठा को मिसाल के तौर पर पेश किया। उनके जीवन से सीख लेने के लिए प्रेरित किया। प्रिंसिपल प्रियंका होठी ने एनुअल रिपोर्ट पढ़ी। स्टूडेंट्स ने पंजाबी कल्चर दिखाते हुए भंगड़ा पेश किया। चीन का फैन डांस भी सबका आकर्षण का केंद्र रहा।
चीफ गेस्ट आदित्य बरलिया ने कहा कि बच्चों को मेहनत और लग्न से काम करना चाहिए। रिजल्ट चाहे कुछ भी हो। अपने हार्ड वर्क में कोई कमी नहीं आनी चाहिए। हमें कई बार फेलियर का सामना करना पड़ता है। निराश होने की बजाय और ज्यादा मेहनत करें। यहां एपीजे महावीर मार्ग की प्रिंसिपल मीरा जावेद भी थी।
कार्यक्रम में मौजूद आदित्य बरलिया, प्रिंसिपल मीरा जावेद, स्कूल प्रिंसिपल प्रियंका होठी और अन्य।
यूसुफ मलाला के वेश में बच्ची।
बुजुर्ग दौड़ाक फौजा िसंह बना बच्चा।
बच्चों ने जब चीनी डांस पेश िकया तो दर्शकों ने तािलयां बजा हौसला बढ़ाया।
कठपुतली डांस से स्व. सत्यपॉल की मेहनत को दर्शाते बच्चे।
एपीजे स्कूल टांडा रोड में एनुअल फंक्शन के दौरान िवदेशी डांस पेश करते स्टूडेंट्स।
डांस करती बच्ची।
एपीजे प्राइमरी सेक्शन मॉडल टाउन के एनुअल फंक्शन में बच्चों ने भगवान श्री कृष्ण के दशावतार को दर्शाती झांकी पेश की।
प्यार बांटें, सम्राट अशोक ने भी यही किया था
जालंधर | अपनेमन से नफरत को निकाल दे, तो दुनिया से लड़ाई खुद खुद खत्म हो जाएगी। सम्राट अशोक जैसे राजा ने भी इस बात को समझा और युद्ध छोड़ दिए थे। हमें भी अपने मन से घृणा भाव निकालकर सभी से प्यार करना चाहिए। एपीजे प्राइमरी सेक्शन मॉडल टाउन के एनुअल फंक्शन में बच्चों ने ये संदेश दिया। इसमें चीफ गेस्ट आईपीएस अमनीत कौंडल थीं। दसावतार नृत्य में बच्चों ने भगवान श्री कृष्ण के दस अवतारों को दिखाया। हिंदी नाटिका में बच्चों ने दिखाया कि जब कलिंग का युद्ध हुआ था तभी स