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- सात महीने में शहर से 38 लड़कियां गायब हुई, 18 मिली इस साल 135 लोग लापता हुए, 78 का अभी भी सुराग नहीं
सात महीने में शहर से 38 लड़कियां गायब हुई, 18 मिली - इस साल 135 लोग लापता हुए, 78 का अभी भी सुराग नहीं
फरीदकोट में हुआ था प्रदर्शन |पंजाब भर से बच्चे गायब हो रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर फरीदकोट में दो दिन पहले लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया था, लेकिन पुिलस का मान नहीं रही।
गुम हुए िमले अभी भी लापता
पुरुष39 12 27
महिलाएं 36 16 20
लड़कियां 38 18 20
लड़के 14 6 8
बच्चे 8 5 3
सात महीने की लिस्ट
मानव तस्करी वाली बात नहीं : डीसीपी
^बच्चियांलापता हुई हैं। मानव तस्करी वाली बात सही नहीं हो सकती है। कुछ बच्चियां दिमागी तौर पर ठीक नहीं होती, जिस कारण घर नहीं पहुंच पाती। अभी जालंधर में ऐसा कोई गैंग काम नहीं कर रहा और ही बाहरी गैंग की यहां नजर है। -नवीनसिंगला, डीसीपी,जालंधर
‘मर्दानी’ की तरह जालंधर की 20 प्यारियां भी गायब
संदीप साही | जालंधर
sandeep.sahi@dbcorp.in
रानीमुखर्जी की हाल ही में रिलीज फिल्म मर्दानी की स्टोरी एक प्यारी नाम की 13 साल की बच्ची पर आधारित है। प्यारी को तो सीनियर इंस्पेक्टर बनी रानी मुखर्जी ढूंढ लेती है, लेकिन जालंधर शहर से लापता 20 प्यारियों का कोई सुराग नहीं है। उन्हें ढूंढने को कभी किसी पुलिस अधिकारी ने रणनीति नहीं अपनाई।
आरटीआई से मिले आंकड़ों के मुताबिक शहर में इस साल अब तक 138 लोग लापता हुए थे। 57 लोगों को पुलिस ने ढूंढ़ लिया, मगर 78 अभी मिसिंग हैं। इनमें 38 लड़कियां भी शामिल थीं। 18 मिल गई थीं, लेकिन 20 अभी गायब हैं। हालांकि पुलिस अधिकारियों का बच्चियां लापता हुई हैं, इसे मानव तस्करी से नहीं जोड़ सकते। लापता 38 लड़कियों के अलावा इस साल 44 केस नाबालिगों के अपहरण के दर्ज हैं। लड़कियों के मामले में तो पुलिस ने डीडीआर काट दी, जबकि नाबालिगों के मामले में केस दर्ज किया। युवतियों के मामले पुलिस के लिए सिरदर्द बने हुए हैं।