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उपभोक्ता सेवा में खामी, पावर कॉम को 20 करोड़ की पेनल्टी

7 वर्ष पहले
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दो इंजीनियरों की याचिका पर पंजाब पावर रेगुलेटरी कमीशन का फैसला

parveen.kumar@dbcorp.in

स्टाफके वेतनके पैसे बचाने के लिए उपभोक्ताओं को मिलने वाली सर्विस के सुधारों में देरी पर राज्य के पावर रेगुलेटरी कमीशन ने पावर कॉम की खिंचाई की है। साथ में 20 करोड़ रुपए पैनल्टी भी की है। ये एक्शन बिजली इंजीनियर गुरनेक सिंह बराड़ और पदमजीत सिंह की याचिका पर लिया गया है। फैसले में 31 जनवरी तक सुधारों का प्लान देने को कहा है। इसके बाद अगले 6 महीने में उसे लागू करना होगा।

उपभोक्ताओं की इस समय सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि बिजली दफ्तर में अफसर नए कनेक्शन भी देते हैं और सिस्टम की जिम्मेदारी भी उन्हीं के पास है। जब उपभोक्ता उनके पास काम लेकर जाते हैं तो अक्सर गैरहाजिर मिलते हैं। चार साल पहले पावरकॉम ने टेक्नीकल और उपभोक्ता सर्विस का काम अलग-अलग ऑफिसर देखने का निर्णय लिया, लेकिन इस पर अमल आज तक नहीं हुआ।

फैसले में कहा कमीशन ने, टू-टीअर पर काम किया तो वह खुद स्टडी कराएगा

कमीशनने 48 पेज का फैसला दिया है। इसमें कहा है कि तीन साल से ज्यादा समय के लिए पीएसपीसीएल इस सिस्टम को लेकर पॉजीटिव रिस्पांस देता रहा। नाभा और पटियाला में पायलट प्रोजेक्ट चलाए। अब चार साल के समय के बाद उल्टी रिपोर्ट दी जा रही है। कमीशन अपने स्तर पर भी अलग एजेंसी से स्टडी करवा सकता है। फैसले में कहा है कि 31 जनवरी तक टू-टीअर सिस्टम लाने का प्लान बनाकर दें। इसके 6 महीने के अंदर इसे लागू भी करना होगा।

वादा नहीं िनभाया, अब अपने बयान से ही मुकर गए

हरसाल सालाना खर्च की रिपोर्ट पास कराते हुए पावर कॉम रेगुलेटरी कमीशन को कहता रहा कि वह टेक्नीकल और उपभोक्ता सर्विस के अफसर अलग-अलग करने वाले टू-टीअर सिस्टम को लाएगा। वह दूसरे राज्यों में ये सिस्टम स्टडी भी कर रहा है। अब जब चौथा साल शुरू हो चुका है और सिस्टम लागू नहीं हो रहा तो 19.9.13 को कह दिया कि इसमें दिक्कतें हैं। लागू नहीं हो सकता। इसी के खिलाफ उक्त दोनों इंजीनियरों ने कमीशन के पास याचिका (पिटीशन ने नंबर 59 साल 2013) दायर की थी। कमीशन ने उक्त पिटीशन पर सुनवाई करते हुए (28.11.2014 को नंबर 4) आदेश जारी किए हैं।

पावर कॉम के खजाने से करना होगा भुगतान

}सुधारों में देरी के लिए 20 करोड़ रुपए की पैनल्टी जो की गई है। ये पैसा उसके खजाने में से जाएगा। सालाना रेवेन्यू रिपोर्ट क