- Hindi News
- नकोदर में तीन साल की तनवी की मौत रेप से नहीं सीढ़ी से गिर कर हुई: कोर्ट
नकोदर में तीन साल की तनवी की मौत रेप से नहीं सीढ़ी से गिर कर हुई: कोर्ट
एडिशनलसेशन जज हरवीन भारद्वाज की कोर्ट ने नकोदर में तीन साल की बच्ची के रेप और मर्डर केस से उसकी मां और मौसा को बरी कर दिया। पोस्टमार्टम और केमिकल रिपोर्ट से यह साफ हो गया था कि तनवी से रेप नहीं हुआ है, बल्कि वह गिरकर घायल हुई थी। अदालत ने बचाव पक्ष की दलील और पेश किए गए सबूत से सहमत होने के बाद यह फैसला सुनाया है। केस दर्ज होने के बाद से ही होशियारपुर के गांव बहादुरपुर की रहने वाली तनवी की मां नेहा और नकोदर के गुरु तेग बहादुर नगर के रहने वाले उसके मौसा शालू चौहान जेल में ही थे।
पुलिस के रिकार्ड के अनुसार होशियारपुर के गांव छांगला के रहने वाले सुनील कुमार ने बीते साल 11 सितंबर को थाना नकोदर में शिकायत दी कि उसकी तीन साल की बेटी के साथ शालू चौहान ने रेप किया है और उसकी घरवाली इस जुर्म को बचा रही है।
सुनील ने बताया कि बच्ची का सिविल अस्पताल होशियारपुर में इलाज चल रहा है। बच्ची के सिर से लेकर पांव तक अंदरूनी घाव थे। आरोप लगाया गया था कि रेप के बाद बच्ची को मारने की कोशिश की गई। सुनील की शादी नेहा से चार साल पहले हुई थी, लेकिन वह घटना से दो महीने बाद पति से झगड़ा कर नकोदर में रहते अपने जीजा के पास गई थी। सुनील ने प|ी और शालू के चरित्र पर उंगली उठाई थी। पुलिस ने केस दर्ज कर शालू को पकड़ लिया था। उसने दावा किया था कि बच्ची सीढ़ी से गिर कर जख्मी हुई है। तनवी को पीजीआई अस्पताल में दाखिल करवाया गया। यहां पर 11 अक्टूबर 2013 को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने दूसरे दिन पीजीआई के बाहर से नेहा को पकड़ लिया।
उसने भी बच्ची के सीढ़ी से गिर कर जख्मी होने की बात कही थी। पुलिस ने जांच पूरी कर चालान पेश कर दिया था। बचाव पक्ष के एडवोकेट मनदीप सिंह सचदेवा ने केस में होशियारपुर की सरकारी डाक्टर सोनिया से पूछा था कि बच्ची को चोट कैसे लगी तो उसने कहा था कि गिर कर हो सकती है। रेप की संभावना से इंकार किया था। मार्च महीने में आई केमिकल जांच रिपोर्ट ने तो रेप की संभावना से इंकार कर दिया। केस में पीजीआई के डाक्टरों की गवाही हुई। सभी ने कहा कि चोट गिर कर लगने की संभावना है। एडवोकेट सचदेवा ने कोर्ट में बताया कि सुनील इस बात से नाराज था कि उसकी प|ी घर नहीं रही। इस बीच बच्ची के साथ यह हादसा हो गया। नेहा और शालू खुद बच्ची को पहले नकोदर के सरकारी अस्पताल, फिर प्राइवेट और बाद में होशियारपुर लेकर