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- 2017 की आईएमए की प्रधानगी के लिए नॉमिनेशन वापस लेंगे डॉक्टर जोहल
2017 की आईएमए की प्रधानगी के लिए नॉमिनेशन वापस लेंगे डॉक्टर जोहल
2016- डॉ.रमन गुप्ता बनाम डॉ. बलजीत सिंह जोहल (21 तारीख को रिजल्ट आएंगे, सूत्र बता रहे हैं कि बुधवार तक डॉ. जोहल नोमिनेशन वापस ले सकते हैं तो डॉ. रमन गुप्ता उसी दिन ही प्रधान बन सकते हैं)
2015-डॉ.राजीवसूद अनअपोज्ड किसी और ने नोमिनेशन नहीं किया था। ( डॉ. रमन गुप्ता से कहा गया था कि उन्हें ही अगला प्रधान बनाया जाएगा)
2014-डॉ.रमन गुप्ता बनाम डॉ. सुषमा चावला ( डॉ. सुषमा चावला 90 वोटों के अंतर से जीतीं। डॉ. चावला डॉ. गुप्ता से काफी सीनियर थीं, लेकिन 2013 में उनसे वादा किया गया था कि अगले साल आम सहमति से उन्हें प्रधान बनाया जाएगा, पर हुआ नहीं)
2013डॉ.अवनीश भगत अनअपोज्ड प्रधान बने। (डॉ. रमन गुप्ता ने इस शर्त पर चुनाव नहीं लड़ा था कि उनको डॉ. योगेश्वर सूद, डॉ. दहिया और डॉ. भगत ने भरोसा दिलाया था कि उन्हें ही अगले साल अनअपोज्ड प्रधान बनाया जाएगा। लेकिन हुआ कुछ और)
2012डॉ.रमन गुप्ता बनाम डॉ. नवजोत दहिया ( डॉ. दहिया 40 वोटों के अंतर से जीते)
भास्कर न्यूज | जालंधर
पहलेडॉ.रमन गुप्ता ही दौड़ में थे, लेकिन अब डॉ. बलजीत सिंह जोहल भी मैदान में गए हैं। जानकारों के मुताबिक डॉ. जोहल की नजर 2017 प्रेजिडेंट शिप पर है। डॉक्टरों का एक ग्रुप डॉ. गुप्ता पर दबाव बनाने के लिए उन्हें चुनाव लड़ा रहा है। ताकि उनके हाथ सेक्रेटरी और वाइस प्रेजिडेंट पद जाएं। डॉ. जोहल ने बताया कि अभी सीनियर के साथ मीटिंग के बाद ही एजेंडा तैयार किया जाएगा।
आईएमए पंजाब के आनरेरी सेक्रेटरी डॉ. नवजोत दहिया ने बताया कि डाक्टरों में किसी भी तरह की दुश्मनी बढ़े इसलिए चुनाव होंगे ही नहीं। उन्होंने कहा कि डॉ. जोहल नॉमिनेशन वापस लेने वाले हैं।
आईएमएचुनाव क्यों?
}नएमेंबर जोड़ना। आईएमए डाक्टरों की सबसे बड़ी आर्गेनाइजेशन है। जालंधर में ही 1100 डॉक्टर शामिल हैं। यह प्रेशर ग्रुप की तरह भी काम करती है।
} पावर हासिल करना। चुनाव से आईएमए प्रधान को ताकत के साथ शोहरत भी मिलती है।
} पैसा। इलेक्शन में वोट वही कर पाते हैं जिनके ड्यूज क्लियर होते हैं। नए सिंगल मेंबर की फीस 5865 और डॉक्टर कपल की 8895 रुपए है।