(अवनीत कौर बाजवा अपनी छोटी बहन सिमरन के साथ।)
जालंधर। एक बार किसी काम के लिए मैंने अवनीत को कहा कि यह करो वरना तुम्हारी गेम छुड़वा दूंगी। तब मिल्खा सिंह से इंस्पायर्ड अवनीत ने उन्हें ही फोन कर दिया और कहा कि आप प्लीज मम्मा को कहिए मुझे खेलने दें।
गुजरात में हुई सीबीएसई नेशनल गेम्स में बेस्ट प्लेयर रही अवनीत की मां चरणजीत कौर बाजवा ने ये बात कही। आजकल अवनीत केरल में चल रही नेशनल गेम्स में खेलने गई हैं। 12 और 13 फरवरी को उसके लॉन्ग जंप और हाई जंप के इवेंट हैं। कोच सरबजीत ने बताया कि इस सीनियर लेवल नेशनल गेम्स में अवनीत सबसे युवा और स्कूल की प्लेयर हैं। अगर इसमें वह टॉप-5 में भी जाए तो बड़ी बात होगी।
मां चरणजीत ने बताया कि जब अवनीत एक साल की थी तभी उसके किसान पापा जसपाल सिंह बाजवा नेे उसे स्ट्रेचिंग आदि एक्सरसाइज करवानी शुरू कर दी थी। पहली क्लास से अवनीत ने खेलना शुरू किया था।
शुरुआत में उसने 100 मी. और 200 मी. की रेस में हिस्सा लिया। इसके बाद कोच सरबजीत सिंह ने देखा कि यह लॉन्ग जंप और हाई जंप कर सकती है तो उन्होंने इसकी प्रैक्टिस करवानी शुरू कर दी। अवनीत की हाइट पांच फुट साढ़े पांच इंच है। वह रोज सुबह 6 बजे प्रैक्टिस करने खालसा कॉलेज की ग्राउंड में पहुंच जाती। फिर 7.30 बजे स्कूल। कई बार तो नहाना-धोना भी उसका स्कूल में ही होता था। फिर स्कूल से तीन बजे घर आकर लंच करती। चार बजे फिर प्रैक्टिस के लिए ग्राउंड में। पिछले साल बनारस में हुए सीबीएसई नेशनल में भी उन्हें बेस्ट एथलीट चुना गया था। अवनीत स्पोर्ट्स में विभिन्न उपलब्धियों के लिए साल 2013-14 का चाचा नेहरू अवॉर्ड भी पा चुकी हैं।