बशीरपुरा फाटक पर ट्रैक में आया क्रैक
जान जोखिम में डालकर ठीक किया टूटा ट्रैक
स्लो स्पीड से निकाली शताब्दी और अन्य ट्रेनें
भास्करन्यूज | जालंधर
बशीरपुराफाटकके पास ट्रैक में क्रैक जाने की वजह से बुधवार को शताब्दी, सचखंड, सुपर और जनशताब्दी समेत सभी ट्रेनों को स्लो स्पीड से गुजरा गया। बाद में दोपहर करीब 12 से 1.30 बजे के बीच ब्लॉक लेकर ट्रैक को बदला गया।
इस दौरान जो कर्मचारी इस काम में लगे हुए उन्होंने सेफ्टी के एक भी उपकरण नहीं पहन रखे थे। मुलाजिमों को मेटल को मेल्ट करके वहां पर डालना था। इस मेल्ट हुए मेटिरियल का तापमान 2700 डिग्री पर होता है। यदि इसकी एक भी बूंद किसी कर्मचारी के हाथ या पैर के किसी हिस्से पर पड़ जाए तो हड्डी तक गल सकती है। ऐसी विषम परिस्थितियों में काम करने के दौरान कर्मचारियों को सेफ्टी का कोई उपकरण नहीं दिया जाता है। मुलाजिमों के पास सेफ्टी शूज, हेलमेट और ग्लब्स तक नहीं है। इस संबंध में बार-बार कर्मचारियों ने डिमांड कर रखी है। इसके बावजूद भी उन्हें सेफ्टी उपकरण मुहैया नहीं कराया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना था कि रेलवे की ओर से सेफ्टी उपकरण दिए ही नहीं जा रहे है जबकि अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों को जूते के पैसे साल में दो बार मिलते है जबकि ग्लब्स उन्हें मुहैया कराया जाता है।
कर्मचारियों ने हेल्मेट पहना था ही ग्लव्स। -भास्कर
नो सेफ्टी : टूटेट्रैक पर मुलाजिमों ने बिना किसी सेफ्टी के 2700 डिग्री सेल्सियस तापमान पर पिघलाए गए मेटल को डाला और उसे ठीक किया। -भास्कर