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- सवा चार साल की कोमल की टांग में डाली राॅड, बाजू में भी दो फ्रेक्चर
सवा चार साल की कोमल की टांग में डाली राॅड, बाजू में भी दो फ्रेक्चर
अस्पताल में एडमिट कोमलप्रीत और उसके पिता जसपिंदर िसंह। -भास्कर
इससे तो अच्छा था स्नेचर पर्स छीन ले जाते : जसपिंदर
जसपिंदरसिंह अपनी बच्ची को इस हाल में देख रोते हुए कहते हैं कि इससे अच्छा तो स्नेचर पर्स ले जाते, कम से कम मेरी बच्ची आज इस हाल में होती। कहते हैं कि कहा कल उनकी बच्ची नानके जाने की वजह से खुश थी। कहा - आज इस हाल में पहुंची है। दो स्नेचरों को मेरी मासूम सी बच्ची पर भी रहम नहीं आया। चरणजीत के पर्स में तीन हजार रुपए के साथ कोमल के कपड़े थे।
भास्कर न्यूज|जालंधर
parvesh.sharma@dbcorp.in
लुटेरोंकी दरिंदगी की शिकार हुई सवा चार साल की कोमल की बाजू में दो फ्रेक्चर हैं। टूटी टांग में राॅड डाल दी गई है। गिरने के बाद मां चरणजीत कौर को चोट तो कोई नहीं लगी, लेकिन बच्ची के दर्द को देख शनिवार से ही गुमसुम सी है। बच्ची का हाथ पकड़ सहला रहा है। किसी से भी बात नहीं कर रही है। जब कोई रिश्तेदार मिलने आता है, तो उससे भी बात नहीं कर रही है। बच्ची के पास बेंच पर ही बैठे उसे देख रही है और जब बच्ची नींद से उठ जाती है, तो उसके सिर पर प्यार से हाथ फेर उसको चुप करा देती है। बच्ची के पिता जसपिंदर भी अस्पताल में दाखिल हैं। दोनों सतनाम अस्पताल में दाखिल हैं।
नूरमहल के गांव कोट बादल खां की रहने वाली चरणजीत कौर (40) पति जसपिंदर सिंह और बेटी कोमलप्रीत कौर के साथ शनिवार सुबह जालंधर के टावर एन्क्लेव मायके घर रही थी। पेशे से किसान जसपिंदर सिंह बाइक चला रहे थे। नानके जाने की खुशी में कोमलप्रीत पिता के आगे बाइक की टंकी पर बैठी थी। लांबड़ा के सिंघा गांव के पास पीछे से आए बाइक सवार दो स्नेचरों ने चरणजीत का पर्स छीनने की कोशिश की, पर्स छोड़ने पर दोनों ने अपनी बाइक से उनकी बाइक को टक्कर मार गिरा दिया। इसमें चरणजीत कौर, कोमलप्रीत और जसपिंदर तीनों गिर गए। उसी रोड पर रहे एक गाड़ी चालक ने उनको देख खांबड़ा के सतनाम सिंह मेमोरियल अस्पताल में दाखिल करवाया गया। जहां रविवार को बच्ची की सर्जरी हुई। कोमलप्रीत की बाजू की एक हड्डी के दो टुकड़े हो गए हैं और टांग में भी फ्रेक्चर है। कोमल का इलाज कर रहे डाॅ. राजेश सग्गर ने बच्ची की टांग में राॅड (फलेक्सिबल नेल) डाली है। इसे दो महीने के बाद निकाला जाना है। डाॅ. राजेश ने बताया कि बच्ची को चार से छह हफ्ते तक बेड रेस्ट करना होगा। उसके बाद ही बच्ची ठीक