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आई कैंप के लिए नई गाइडलाइन्स बनाएंगे: डॉ. जोशी
बटालाके घुमाण में 27 लोगों की आंखों की रोशनी जाने के मामले के बाद अब इन कैंपों के स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर्स में संशोधन होने जा रहा है। सोमवार को जालंधर ऑप्थेल्मोलॉजी सोसायटी के प्रधान विजय जोशी ने बताया कि हम दो तीन दिन में आई सर्जन की मीटिंग बुला सरकार को अपने सुझाव देने वाले हैं। जिन्हें आंखों के आॅपरेशन के दौरान गाइडलाइन्स की तरह इस्तेमाल किया जाए।
केंंद्र सरकार के प्रोग्राम नेशनल ब्लाइंडनेस कंट्रोल के तहत हर जिले को आंखों का आॅपरेशन करने का टारगेट दिया जाता है। टारगेट अचीव करने के लिए मास आई ऑपरेशन किए जाते हैं। इसमें धड़ाधड़ ऑपरेशन किए जा रहे हैं। इस साल 31 मार्च, 2015 तक जालंधर जिले का कुल टारगेट 14361 ऑपरेशन का है। अभी तक 11,955 ऑपरेशन हो चुके हैं। इनमें से सरकारी अस्पताल में सिर्फ 460 ऑपरेशन किए गए। बाकी सभी निजी अस्पतालों और कैंपों में किए गए। गुरदासपुर में यह टारगेट 10815 ऑपरेशन का है। इसमें अक्टूबर महीने तक 4571 ऑपरेशन हो चुके हैं।
आई मोबाइल यूनिट के इंचार्ज डाॅ. शमशेर सिंह मान ने बताया कि अप्रैल 2014 से अब तक हमने जालंधर जिले की अलग-अलग जगहों पर 36 कैंपों में 9000 मरीजों की स्क्रीनिंग की। इसमें सरकारी अस्पताल में 460 ऑपरेशन किए गए। इसमें सभी ठीक हैं। यह सभी ऑपरेशन सरकारी छह डाक्टरों की टीम ने किए हैं। डॉ. सुनिल बत्रा, डॉ. विजय जोशी, डॉ. विनय आनंद, डॉ. गुरप्रीत कौर, डॉ. अरुण वर्मा और खुद डॉ. शमशेर सिंह मान शामिल हैं। उन्होंने बताया कि कई बार एनजीअो की जल्दबाजी की वजह से दिक्कत आती है।
दो या तीन मदर एनजीओ को ही कैंप लगाने की मंजूरी दी जाए। बाकी एनजीओ अगर कैंप कराना चाहते हैं तो इन मदर एनजीओ से संपर्क करें और उनके माध्यम से ही कैंप लगाए जाएं ताकि कल को बटाला जैसे कैंप की तरह इस तरह की गलती कर के भाग जाए और फंस जाए बेकसूर डाक्टर। - रिमोट या दूरदराज के एरिया में अगर कैंप लगाना हो तो नजदीकी सरकारी या प्राइवेट आई अस्पताल में इसके बंदोबस्त किए जाएं। सही क्वालिटी की दवाइयों का प्रयोग हो।
धड़ाधड़ होने वाली सर्जरियों का टारगेट कनेक्शन
सरकारी अस्पतालों में 460 आॅपरेशन
डाक्टर अपने क्लिनिक पर ही सर्जरी करें।