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रिकवरी रकम रखे बिना सुनवाई करे टैक्सेशन डिपार्टमेंट: हाईकोर्ट
टैक्सरिकवरी का नोटिस मिलने के बाद टैक्सेशन डिपार्टमेंट व्यापारियों की सुनवाई तब करता है जब वह रिकवरी की रकम का 25 फीसदी हिस्सा जमा करवा देते हैं। गुरदासपुर की दुग्गल ऑटो मोबाइल कंपनी ने ऐसा नहीं किया, जिसके चलते टैक्सेशन ने उसकी अपील रद्द कर दी थी। दुग्गल ऑटो मोबाइल कंपनी को टैक्सेशन ने सवा दो करोड़ रुपए के करीब रकम का नोटिस भेजा था। कंपनी ने इसके खिलाफ अपील दायर की। इसे विभाग ने यह कहकर रद्द कर दिया था कि पहले रकम का 25 फीसदी हिस्सा जमा कराएं। इसके खिलाफ कंपनी माननीय हाईकोर्ट के पास गई। पांच फरवरी को इस मामले में फैसला आया। कोर्ट ने बगैर कोई रकम लिए मामले की सुनवाई करने के ऑर्डर टैक्सेशन डिपार्टमेंट को दिए हैं।
न्यायको खरीदने जैसी धारा को लेकर अहम फैसला : वकीलअक्सर टैसेक्शन डिपार्टमेंट के इस िनयम को न्याय को खरीदने जैसे नियम की संज्ञा देते हैं। उक्त केस में वकील जेएस बेदी कहते हैं कि बहुत बार टैक्सेशन ऑफिसर व्यापारी को इतनी मोटी रकम का नोटिस 2 सौ फीसदी पैनल्टी सहित भेज देते हैं, जितना टर्नओवर भी उसके कारोबार का नहीं होता। ये तो एक तरह से पैसा देकर न्याय मांगने के काबिल होने की बात प्रतीत होती है।
नियमबदला तो जालंधर के व्यापारियों को बड़ी राहत : जालंधरसे 2 सौ के करीब फर्मों के पैनल्टी नोटिस अलग-अलग सुनवाई के अधीन है। दर्जन भर लोग बगैर एडवांस लिए अपील सुनने का मसला कोर्ट में उठा चुके हैं। एडवोकेट जेएस बेदी कहते हैं कि उक्त नियम को बदलने का मसला पहले ही माननीय सुप्रीम कोर्ट में भी विचाराधीन है।
बोगस बिल काटने वाली फर्मों से कारोबार करने वालों को नोटिस की तैयारी
जालंधर.इंडस्ट्रीएरिया की तीन कंपनियों को बोगस बिल काटने के मामले में नोटिस तो दिए लेकिन रिकवरी नहीं की गई है। स्टेट टैक्सेशन डिपार्टमेंट ने अब रेवेन्यू का घाटा पूरा करने के लिए नए तरीके से प्रैशर बनाने की तैयारी कर ली है। जिन लोगों ने इन फर्मों से कारोबार किया है। उन्हें रिकवरी के नोटिस जारी होंगे। टैक्सेशन से पता चला है कि तीन दर्जन कंपनियां हैं जो इंडस्ट्री एरिया में बोगस बिल काटने वालों से कारोबार कर रही थीं। पिछले साल विभाग ने नियम बनाया था कि जब कोई व्यापारी बिल काटने के बाद बनती टैक्स की रकम सरकार के पास जमा नहीं कराएगा तो उससे खरीददारी करने वालों से रकम की रिकवरी होगी। इस हिसाब से इंडस्ट्री एरिया में जिन लोगों ने खरीददारी की थी, अब उनकी लिस्ट बनाकर रिकवरी के लिए नोटिस जारी होंगे। उधर, इस सूचना से कारोबार जगत का माहौल गर्म है। क्योंकि इससे पहले फोकल प्वाइंट और आसपास के इलाकों की 60 कंपनियों को भी रिकवरी देने के नोटिस हुए थे। व्यापारियों ने इस मामले में हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर ली है। उनका कहना है कि जिसने टैक्स चोरी की है, उस पर सख्ती होनी चाहिए। सोलह करोड़ का रेवेन्यू लॉस पूरा करने के लिए अब बेकसूरों को कार्रवाई की हद में लिया जा रहा है।