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नेशनल साइंस एग्जीबिशन में पहुंचे शहर के तीन स्कूल

7 वर्ष पहले
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समुद्र में फेकेंगे CO2, ताकि पर्यावरण को नुकसान हो

आवाज से चलेगी लेकिन रोबोटिक आर्म

अंधेरे कमरों में ऑप्टिकल फाइबर से पहुंचाएंगे रोशनी

इनोसेंट हार्ट्स स्कूल

पीडीएवी स्कूल

संस्कृति केएमवी

दिल्लीमें हुई सीबीएसई नेशनल साइंस एग्जीबिशन में शहर के तीन स्कूल पुलिस डीएवी पब्लिक स्कूल, इनोसेंट हार्ट्स और संस्कृति केएमवी स्कूल के स्टूडेंट्स के इनोवेटिव साइंस प्रोजेक्ट भी शामिल हुए। स्टूडेंट्स ने अपने इनोवेशन, विजन और अपने टीचर्स के अनुभवों की मदद से भविष्य के भारत को अपने साइंस मॉडल्स के जरिए दिखाया।

इनोसेंट हार्ट्स के बच्चों ने आवाज से चलने वाला रोबोटिक हैंड दिखाया। पीडीएवी ने कार्बन डाइऑक्साइड को पाइप से समुद्र में ले जाने और बर्फ में तब्दील करने की तकनीक बनाई तो संस्कृति केएमवी ने अंधरे कमरों में ऑप्टिकल फाइबर में रोशनी पहुंचाने की तकनीक सिखाई। दिल्ली में आयोजित हुई सीबीएसई नेशनल साइंस में देशभर से जमा हुए 300 मॉडल्स में भी जालंधर ने अपनी अलग पहचान बनाई।

पुलिस डीएवी स्कूल के बच्चों ने ओशिन का मॉडल तैयार किया, जिसमें पाइप के जरिए इंडस्ट्री और वातावरण दोनों में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड को लिक्विड बनाकर समुद्र में फेंका जाएगा। समुद्र में गहरे तल में ठंड की वजह से कार्बन डाइऑक्साइड बर्फ बन जाएगी। ग्यारहवीं के स्टूडेंट्स कुलजीत और मानसी ने टीचर गुरप्रीत जोहल की गाइडेंस में मॉडल बनाया।

बारहवीं नॉन मेडिकल के स्टूडेंट्स कुणाल वर्मा और मोहित ने रोबोटिक आर्म बनाई। इसका इस्तेमाल हैल्थ फील्ड में किया जा सकता है। यह आवाज की कमांड से नियंत्रित होगी। प्रिंसिपल धीरज बनाती ने बताया कि मेडिकल फील्ड के अलावा यह रोबोटिक आर्म पैरालिसिस के मरीजों के लिए भी फायदेमंद होगी। टीचर अमित के मुताबिक रोबोटिक आर्म आवाज से नियंत्रित होकर कंधे और कोहनी दोनों को मूव करेगा। भारी सामान उठाने और छोड़ने का काम भी करेगा।

स्टूडेंट्स अर्वा शर्मा, स्वाति शर्मा, सिमरन और शिवानी ने एनर्जी और एग्रीकल्चर केटेगरी में मॉडल बनाए और रीजनल लेवल पर जीते थे। फाइबर ऑप्टिकल से दिन में सूरज की रोशनी जमा करके रात को बैटरी के माध्यम से कमरों में लाइट पहुंचाने की तकनीक विकसित की गई। दिन में भी अंधेरे कमरों में रोशनी पहुंचाने के लिए ऑप्टिकल फाइबर से फोकस किया जाएगा। प्रिंसिपल रचना मोंगा ने कहा कि स्टूडेंट्स दिल्