जिंदा बच्चे को डाक्टर ने मरा कह दिया
कालासंघिया रोडपर शूल मार्केट में छह साल के बच्चे को रात डेढ़ बजे सांप ने डंस लिया। ऊमा देवी ने बताया कि रात डेढ़ बजे उनका छह साल का बच्चा सुरिंदर उठ कर रोने लगा। बोला- उसे चींटी ने काट लिया है। उन्हें कुछ नजर नहीं आया। वे सो गए। थोड़ी देर के बाद बेटा कहने लगा कि उसे प्यास लग रही है और घबराहट हो रही है।
बच्चे को बाहर घुमाने ले गए। थोड़ी देर के बाद वे फिर सो गए। चार बजे बच्चे की तबीयत बिगड़ गई। वे उसे अंकुर अस्पताल ले गए। क्वार्टर में साथ के लोगों से 16-17 हजार रुपए इकट्ठा करके उन्होंने जमा करवाए। डाॅक्टर ने बताया कि बच्चे को सांप ने डंस लिया है। ऊमा ने कहा कि वह अस्पताल का खर्चा नहीं उठा सकते थे। बच्चे को अंकुर अस्पताल की एंबुलेंस में नर्स के साथ सिविल अस्पताल ले आए। इमरजेंसी में डाॅक्टर ने बच्चे को देखा और चुनरी से बच्चे का मुंह ढक दिया और बोले कहा कि वह मर चुका है। बच्चे को स्ट्रेचर पर बाहर लेकर आए, तो साथ आई नर्स ने बच्चे को चेक किया। बच्चा जिंदा था। नर्स ने डा. सुखविंदर सिंह को कहा कि बच्चा तो जिंदा है। डाॅ. सुखविंदर सिंह और नर्स के बीच बहस हुई, जिस पर मेडिकल स्पेशलिस्ट डाॅ. कश्मीरी लाल को बुलाया गया। उन्होंने चेक किया, तो बच्चा जिंदा था। बच्चे को ट्रॉमा वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। उसे वेंटीलेटर पर रखा गया था। ईएमओ डाॅ. सुखविंदर सिंह का कहना है कि उन्होंने बच्चे को मृत घोषित नहीं किया था। ही उन्होंने बच्चे को कहीं ले जाने को कहा था।
जान में जान आई :डाक्टरकश्मीरी ने जब बच्चे के जिंदा होने की बात कही तो घर वालों की जान में जान आई। -भास्कर