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चुनाव आयोग कॉलेजों में हर साल बनाएगा स्टूडेंट एंबेसडर

7 वर्ष पहले
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चुनावआयोग ने शहर के सभी कॉलेजों को चिट्ठी भेज कर अपने उन स्टूडेंट्स के नाम मांगे हैं, जिन्हें वह कॉलेज में आयोग का एंबेसडर बनाना चाहते हैं। हर कॉलेज से एक स्टूडेंट चुनाव आयोग का एंबेसेडर होगा। बतौर एंबेसडर उन्हें 2000 रुपए एनुअल मिलेंगे।

कैंपस एंबेसडर का काम कॉलेज के उन स्टूडेंट्स की वोट बनाना है, जो 1-1-15 तक या इस बीच 18 साल के हो जाएंगे। दरअसल अप्रैल 2014 में हुए लोकसभा चुनावों में चुनाव आयोग ने कॉलेजों के स्टूडेंट्स को कैंपस एंबेसडर बनाकर उन्हें सभी 18 साल या उससे ऊपर स्टूडेंट्स का वोट बनाने के लिए कहा था। छह हजार से ज्यादा नए वोट बने। रिस्पांस अच्छा था, यंग वोटर्स की गिनती बढ़ी। इसलिए चुनाव आयोग ने फैसला किया है कि सिर्फ चुनावों के आसपास नहीं, बल्कि हर साल 18 साल के हुए स्टूडेंट्स के वोट रुटीन बेसिस पर बनाए जाएं। जिम्मेदारी उस स्टूडेंट की होगी, जिसे कॉलेज मैनेजमेंट चुनाव आयोग के लिए एंबेसडर चुनेगी।

चुनाव तहसीलदार केएस बैंस ने बताया कि कॉलेजों को चिट्ठी लिखकर 10 दिन का टाइम कॉलेजों को एक फ्रैश नाम चुनने के लिए कहा गया है। जैसे ही नाम चुन लिए जाएंगे, हम अगला प्रोसीजर करेंगे। उनका इरादा अक्टूबर तक वोटों बनाने के लिए स्टूडेंट्स को जागरूक करना है। इसके लिए लोकसभा चुनावों की तरह ही डीसी ऑफिस से अधिकारी कॉलेजों में सेमिनार के जरिए स्टूडेंट्स को जागरूक करने के लिए कहेंगे। अगला काम कैंपस एंबेसडर का होगा। वह कॉलेज में सेमिनारों, नाटकों के जरिए स्टूडेंट्स को प्रोत्साहित कर उनके वोट बनवाएंगे। खालसा कॉलेज फॉर वुमन की प्रिंसिपल कुलदीप कौर धालीवाल ने कहा कि वह सोमवार को कॉलेज की प्रेसिडेंट बनी एमएससी आईटी की अंकुश का नाम ही एंबेसडर के लिए भेजेंगी। वह 300 वोटों के मार्जिन से प्रेसिडेंट बनी हैं। वोट का महत्व और स्टूडेंट्स को जागरूक करना उससे बेहतर कौन जान सकता है।