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जबरदस्ती बंद करवाया लाल बाजार

7 वर्ष पहले
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एनअारआई की दुकानों पर कब्जा करने के आरोप में दुकानदार पर केस दर्ज, समर्थकों ने किया विरोध

लालबाजार में एनआरआई महिंदर पाल की दुकानों पर कब्जा करने के आरोप में नामजद दुकानदार यशपाल अग्रवाल को लेकर वीरवार को हंगामा हो गया। यशपाल के समर्थकों ने केस दर्ज होने के विरोध में लाल बाजार में जबरन दुकानें बंद करवा दीं। कुछ दुकानें तो उनके समर्थकों ने खुद बंद कीं और बाकियों को जबरन करवाने लगे। इस दौरान किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। थाना तीन के एसएचओ बिमल कांत और एएसआई जगदीश कुमार पुलिस फोर्स के साथ बाजार पहुंचे। पुलिस ने उन्हें पहले समझाया, जब वह नहीं माने तो पुलिस ने सड़क पर लाठियां मारकर समर्थक भगा दिए। एक मिनट के भीतर समर्थक गायब हो गए और पुलिस ने बाजार खुलवाया। पुलिस ने दुकानदारों से कहा कि अगर यह दोबारा बंद करवाने आएं तो कंट्रोल रूम में सूचना दें। वीरवार रात तक पुलिस यशपाल और बलविंदर सिंह को पकड़ नहीं सकी थी।

40 लाख मंे दुकानें खरीदी हैं, अब पुलिस ने ताले लगवा दिए : समर्थक

समर्थकोंका कहना था कि यशपाल ने 40 लाख रुपए देकर बलवीर कौर से दुकानें खरीदीं और बाकायदा उसकी रजिस्ट्री करवाई। उन्हें बलवीर कौर और एनआरआई के झगड़े बारे नहीं पता था। बलवीर कौर का पति बलविंदर सिंह खुद कब्जा दिलवाने आया था। उसके अगले दिन एनआरआई ने शिकायत कर दी। पुलिस ने पहले बिना जांच किए केस दर्ज कर दिया और फिर बुधवार रात खुद उनके ताले तुड़वाकर एनआरआई के ताले लगवा दिए। ये सरासर गलत और पुलिस की धक्केशाही है। इसी विरोध में सब इकट्ठे हुए थे। उनका कहना है कि यशपाल की लाल बाजार में भी कई दुकानें हैं।

केयर टेकर ने बेच दी एनआरआई की दुकानें

इंग्लैंडके रहने वाले एनआरआई महिंदर पाल की लाल बाजार में दो दुकानें हैं। उन्होंने अपने जानकार बलविंदर सिंह को देखभाल के लिए पॉवर ऑफ अटार्नी दी थी। महिंदर पाल का आरोप था कि बलविंदर ने मिसयूज करते हुए अपनी प|ी बलवीर कौर के नाम करवा दी और बलवीर कौर ने यशपाल को बेच दी। यह केस अदालत में केस विचाराधीन है। सोमवार रात यशपाल और बलविंदर ने उनकी दुकानों के ताले तोड़े। वहां अलमारी से सामान चुराया और जान से मारने की धमकियां दीं। इस मामले में पुलिस ने यशपाल और बलविंदर पर केस दर्ज किया था। वीरवार सुबह यशपाल के समर्थक बाजार में इकट्ठे हुए। समर्थकों ने पहले अपनी दुकानें बंद कीं और फिर बाक