पोस्टमार्टम रिपोर्ट
वकील की दलील
मेडिकल लीगल रिपोर्ट
फ्लैशबैक
मर्डर केस में एमके मेटल का मालिक बरी
एडिशनलसेशन जज अरुण बीर वशिष्ट की कोर्ट ने बस्ती नौ के ईवनिंग कॉलेज रोड पर हुए ड्राइवर पिंकू मर्डर केस में तीन आरोपी बरी कर दिए। बचाव पक्ष ने साबित किया कि पिंकू की मौत मारपीट से नहीं बल्कि सांस नली में उल्टी जाने से हुई थी। कोर्ट में तीन डाॅक्टरों की गवाही और झूठा केस दर्ज करने को लेकर पेश किए गए सबूत पर ही बस्ती नौ एमके मैटल वर्क्स के मालिक दविंदर शर्मा, उसके भाई बलविंदर शर्मा और उनके दोस्त विक्रम चौहान को बरी कर दिया है।
पुलिस रिकार्ड के अनुसार बीते साल 20 मार्च को थाना डिवीजन नंबर पांच की पुलिस ने पिंकू के बयान पर मारपीट का केस दर्ज किया था। लेिकन दूसरे दिन उसकी मौत हो जाने के बाद केस में मर्डर की धारा जोड़ दी थी। पुिलस ने मर्डर के आरोप में गणेश नगर के रहने वाले दविंदर शर्मा, उसके भाई बलविंदर शर्मा और बस्ती शेख के दोस्त विक्रम चौहान को गिरफ्तार कर लिया था। शर्मा बंधुओं को बचाव में कांग्रेसी नेता मेजर सिंह, सुशील रिंकू, पार्षद हरसिमरनजीत सिंह बंटी और अमित ढल्ल ने प्रदर्शन किया था। पुलिस ने यह आरोपी जेल भेज दिए थे।
बदला लेने के लिए झूठा केस दर्ज करवाया : दयाल
बचावपक्ष के एडवोकेट ने कोर्ट में दलील दी कि उनके क्लाइंट का अपने ही भाई जसविंदर से झगड़ा चल रहा था। साजिश के तहत पूरे चार दिन बाद उनके क्लाइंट के खिलाफ केस दर्ज करवाया गया था। केस के गवाह लक्की थापर की गवाही से साबित हुआ कि हमले के समय अंधेरा था और वह उसे अस्पताल ले गया था। बचाव पक्ष ने दलील दी कि घटना और कोई गवाह नहीं। पिंकू के बयान को अंतिम बयान माना जाए।
चार मामूली ब्लंट चोट थी तो कैसे हो सकती है मौत
बचावपक्ष के एडवोकेट दर्शन सिंह दयाल ने कोर्ट में दलील दी कि पिंकू पर 16 को हमला हुआ था, लेकिन उसने 20 मार्च को स्टेटमेंट दी। कोर्ट में पिंकू की मेडिको लीगल रिपोर्ट काटने वाले डाक्टर राज कुमार बद्धन ने कोर्ट में गवाही दी कि पिंकू के शरीर पर चार मामूली घाव थे। इससे मौत नहीं हो सकती। एडवोकेट ने कोर्ट में अस्पताल का रिकार्ड पेश किया। जिसमें साबित हुआ कि पिंकू एमएलआर कटवाने के बाद चला गया था।
पिंकू की शिकायत पर दर्ज हुआ था मारपीट का केस
बस्तीदानिशमंदा के शिव नगरी के ऑटो ड्राइवर विनोद कुमार पिंकू ने बयान दिया था क