जनरल पावर ऑफ अटार्नी दें एनआरआई : डेविड
अपनेसगे संबंधियों पर हद से ज्यादा विश्वास करके और अपनी लापरवाहियों के कारण ही एनआरआईज अपने हाथों जमीनें गंवा रहे हैं। होटल रेडिसन में मंगलवार को आयोजित हुए सेमीनार में ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर डेविड इलियट ने एनआरआईज को ठगी से बचने के तरीके बताए। इलियट का कहना है कि एनआरआईज अपनी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री तो अपने नाम करवा लेते हैं, लेकिन विदेश जाने से पहले अपने रिश्तेदारों को जनरल पॉवर ऑफ अटार्नी दे जाते हैं। जनरल अटार्नी में होल्डर के पास जमीन बेचने तक की पॉवर भी होती है। इसका रिश्तेदार गलत इस्तेमाल करते हैं और जमीन बेच देते हैं। उनकी अपील है कि एनआरआईज जनरल अटार्नी की जगह स्पेशल पॉवर ऑफ अटार्नी देकर विदेश जाएं। स्पेशल अटार्नी में होल्डर को एक पॉवर दी जाती है। चाहे वह केस लड़ने की हो या प्रापर्टी के देखभाल करने की।
एनआरआईपिस्स रहे : पुरी
चंडीगढ़से आए डिप्टी हाई कमिश्नर डेविड इलियट ने दस बजे ओपनिंग स्पीच से सेमिनार की शुरुआत की। उसके बाद प्राइवेट कंपनी के प्रतिनिधि शांतनु मोहन पुरी ने एनआरआईज की प्रॉपर्टीज पर हो रहे कब्जों के तरीकों के बारे बताया। उन्होंने कहा कि भू-माफिया को पता रहता है कि एनआरआई की प्रॉपर्टी कहां पर है। वह कभी फर्जी दस्तावेज लगाकर जमीन बेच देता है तो कभी खाली प्लॉट में झुगगी बनाकर कब्जे की शुरुआत करता है। कुछ लोग बैंक की प्रॉपर्टीज एनआरआईज को बेच देते हैं। खुद एनआरआईज भी जमीन लेने से पहले एनओसी नहीं लेते। जब ठगी हो जाती है तो पुलिस के चक्कर लगाते रहते हैं। उन्होंने पंजाबी में कहा-जिद्दां चक्की घुम रही ते एनआरआई पिस्स रहे।
72केस दर्ज हुए : दिओ
आईजीगुरप्रीत दिओ का कहना है कि पंजाब में 15 एनआरआई थाने खुल गए हैं। साल 2014 में करीब 8 हजार शिकायतें आई थी। उसमें ज्यादातर केस म्यूचल अंडरस्टेंडिंग के साथ हल कर लिए गए जबकि 72 केस दर्ज किए गए। इनमें 30 प्रतिशत रेवेन्यू और कोर्ट केस है। एनआरआई खुद आकर और ऑनलाइन भी शिकायत कर सकता है। उनकी यही कोशिश रहती है कि एनआरआई के विदेश जाने से पहले मसले को हल कर दिया जाए। दिओ ने एनआरआईज से अपील की है कि वह कोई भी प्रापर्टी खरीदने से पहले उसके कागजात देख लें और रजिस्ट्री लिखवाते समय हर शब्द को परख लें।
लाललकीर की जमीन पर किसी को कब्जा दें : कंग
डॉ.एनएस कंग ने कहा कि लाल लकीर की जमीन को लेकर भी बड़ी कंफ्यूजन रहती है। लाल लकीर की जगह वह होती है, जिसकी कोई रजिस्ट्री नहीं हो सकती। जिसका कब्जा है, वही मालिक है। ज्यादातर एनआरआईज इस बात को नहीं जानते। वह अपनी उस जमीन को किसी रिश्तेदार को दे जाते हैं। वह उनकी जमीन पर कब्जा कर लेते हैं। जमीन छुड़वाने के तीन हल हैं। आपके नाम बिजली कनेक्शन, टेलीफोन और वाटर कनेक्शन हों।
सभामें ही दें शिकायत : गिल
एनआरआईसभा के प्रधान जसवीर सिंह गिल ने कहा कि सेमिनार का मुख्य उद्देश्य एनआरआईज को जागरूक करना था। एनआरआई फिलहाल सभा, पुलिस के साथ-साथ हाईकमीशन को भी शिकायत देते थे। हाई कमीशन वह शिकायत सभा को देता था। उनका कहना है कि एनआरआई को कोई भी शिकायत हो, वह सीधा सभा को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक एनआरआई सभा में शिकायत दे सकता है।
लैंड एंड प्राॅपर्टी पर करवाए सेमिनार में ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर डेविड इलियट ने किया जागरूक
आईजी गुरप्रीत दियो ने अपील की कि प्रॉपर्टी खरीदने से पहले कागजों की जांच कर लें। मंच पर बाएं से रहोना रायल, एनएस कंग, शांतनु मोहन पुरी, डेविड इलियोट, जसवीर सिंह गिल पंकज जैन।