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दोहा से भेजी किसी और की लाश संस्कार रोका, डीएनए टेस्ट होगा
भास्कर न्यूज | जालंधर/आदमपुर
दोहाकतरकी जेल में तीन महीने की सजा काट रहे आदमपुर के मोहल्ला संगरां के युवक हरजीत उर्फ हैप्पी की सिलेंडर फटने से मौत हो गई थी। उसकी लाश बुधवार को घर लाई गई। अंतिम संस्कार के लिए जब श्मशानघाट में एंबेसी से आया ताबूत खोला तो लाश किसी और की थी। संस्कार रोक दिया गया और लाश को नजदीकी गांव खुर्दपुर की मोर्चरी में रखवा दिया गया है।
चौबीस साल के हैप्पी की लाश सुबह ही गांव पहुंची। जवान बेटे को खोने के बाद घरवालों की ताबूत खोलने की हिम्मत नहीं हुई। जब सारा गांव श्मशानघाट में इकट्ठा हो गया तो चिता पर शरीर रखने के लिए ताबूत खोला गया। जले हुए शरीर को देखते ही परिजन चीख पड़े। बोले ये हमारा हैप्पी नहीं है। विदेश से किसी और का शरीर आने की बात सीपीएस पवन टीनू को बताई। उनके दखल से डीसी कमल किशोर यादव ने एंबेसी में बात की। वहां से शरीर का डीएनए टेस्ट कराने की बात की गई। ये टैस्ट सिर्फ बेंगलुरू में होता है। टेस्ट होगा या नहीं, फैसला नहीं हुआ। फिलहाल अंतिम संस्कार रोक दिया गया है। विदेश से आए शव को नजदीकी गांव खुर्दपुर की मोर्चरी में रखा गया है।
डीसी कमल किशोर यादव को मिलने आए जसपाल सिंह ने बताया कि उनका बेटा हैप्पी कुछ महीने पहले ही दोहा कतर गया था। उसका वीजा ड्राइविंग के तहत लगा था। बेटे ने एक दिन फोन करके बताया कि मालिक उसे ड्राइविंग के बजाय बकरियां चराने को कह रहा है। बाद में हमें पता चला कि मालिक ने किसी केस में फंसा कर बेटे को तीन महीने के लिए जेल भेज दिया है। जसपाल सिंह ने बताया कि उनके रिश्तेदार का बेटा भी वहां गया है। वह हैप्पी को जेल में मिलता। हमें फोन पर खैर खबर देता। हम तो जेल की सजा खत्म होने का इंतजार कर रहे थे। दो सितंबर को ही बेटे के ठीक-ठाक होने की बात पता चली थी।
जसपाल सिंह ने बताया कि 5 सितंबर को दोहा कतर की पुलिस का फोन आया कि जेल में सिलेंडर फटने से धमाका हुआ है। इसमें आपके बेटे की मौत हो गई है। रिश्तेदार के बेटे के जरिए सारी कहानी पता कराई। उसने भी जेल में धमाका होने की बात कही। आज हैप्पी का भाई हरजिंदर सिंह शव लेकर एयरपोर्ट से घर आया था।
डीसी से मुलाकात के बाद हरजीत सिंह के परिजन। -भास्कर