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फोर क्वार्टर सिस्टम के लिए एशियन को बढ़ानी होगी फिटनेस

7 वर्ष पहले
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इतनी तेज हॉकी खेलने के लिए अभी फिट नहीं एशियाई खिलाड़ी : आतिफ मलिक

भास्करन्यूज|जालंधर

सुरजीतहॉकी टूर्नामेंट में लगातार तीसरे साल अंपायरिंग करने आए इंटरनेशनल अंपायर हाफिज आतिफ मलिक का मानना है कि हॉकी में यदि फोर क्वार्टर सिस्टम लागू होता है तो एशियन खिलाड़ियों को अपनी फिटनेस बढ़ानी होगी। 15-15 मिनट के फोर क्वार्टर सिस्टम में खिलाड़ियों के बीच बहुत अधिक फिटनेस की जरूरत होगी। इसमें खेल तेजी के साथ चलता है। इस नियम को विदेशी खिलाड़ियों को देखते हुए बनाया गया है, क्योंकि आस्ट्रेलिया, हालैंड, जर्मनी और इंग्लैंड के प्लेयर मजबूत होते हैं। वह तेजी के साथ हॉकी खेलते हैं, लेकिन कम समय के लिए। इसलिए इस नियम को लागू किया जा रहा है। 35-35 मिनट के हाफ में एशियन प्लेयर फिट होते हैं। वह काफी लंबे समय तक गेम खेलते रहते थे। फास्ट हॉकी में वह सफल नहीं हो पाते हैं। फिलहाल फेडरेशन आफ इंटरनेशनल हॉकी ने इस नियम को ट्रायल बेस पर शुरू किया। हॉकी खेलने वाले सभी देशों को इस नियम को लागू करने की छूट दी गई है। एशियन गेम्स में इस नियम को लागू किया गया था। इंडिया और पाकिस्तान के डोमेस्टिक हॉकी में इस सिस्टम को लागू नहीं किया जा रहा है।

इंटरनेशनल अंपायर तरलोक सिंह भुल्लर का कहना है कि 15-15 मिनट के सिस्टम को नहीं लागू करना चाहिए। इससे दर्शकों के बीच फन तो होगा लेकिन खिलाड़ियों की क्षमता का पता नहीं चलेगा। क्योंकि इसमें एक खिलाड़ी को पांच से सात मिनट तक लगातार खेलने का मौका मिलता है। एशियन खिलाड़ियों को विदेशी खिलाड़ियों की तरह तकनीकी के साथ ही साथ शरीर को भी मजबूत करना होगा। वहीं दो हाफ में एक खिलाड़ी को पूरा 35 मिनट तक खेलने का मौका मिलता है।