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पूरा साल पूछते नहीं, चुनाव आते ही ढूंढने लगती है पार्टी
हरीश चौधरी ने पूछा पार्टी को आगे कैसे बढ़ाएं, कांग्रेस वर्कर बोले...
एकके बाद एक मिल रही करारी हार के बाद कांग्रेस ने मार्च में अपना राष्ट्रीय अधिवेशन रखा है। इसमें पार्टी को बचाने पर चर्चा होगी। इससे पहले सीनियर लीडरशिप को वर्करों से मिलकर फीडबैक लेने के लिए भेजा गया है। इसी के आधार पर 2017 विस चुनाव को लेकर पॉलिसी बननी है। पंजाब मामलों के सह प्रभारी हरीश चौधरी जालंधर सिटी पहुंचे तो मीटिंग खींचतान में बदल गई। एजेंडे पर बात कम हुई और माहौल शांत करने की मशक्कत ज्यादा। वर्करों ने कहा - पूरा साल हमें कोई पूछता नहीं, चुनाव आते हैं तो हमें ढूंढने निकल पड़ते हो। पंजाब कांग्रेस में कैप्टन-बाजवा की खींचतान बंद करने की बात भी उठी।
कांग्रेस भवन में सुबह 10 बजे ही लीडरशिप इकट्ठी हो गई थी। हरीश चौधरी घंटा भर लेट पहुंचे। इससे पहले ही माहौल गरमा चुका था। उन्होंने आते ही कहा कि हम कैसे पार्टी को आगे लेकर जाएं? हमने इस पर चर्चा करनी है। इसे मैं पार्टी लीडरशिप के पास लेकर जाऊंगा। उन्होंने अभी इतना कहा ही था कि जालंधर कैंट से आए वर्कर बोले - जब तक वर्कर को नहीं पूछोगे, पार्टी आगे नहीं बढ़ेगी। पूरा साल हमें कोई पूछता नहीं। जब चुनाव आते हैं तो हमें ढूंढने निकल पड़ते हैं। शहरी प्रधान राजिंदर बेरी चुप रहे। देहाती प्रधान जगबीर बराड़ ने भी संयम बरता। साल 2017 में जीत के लिए क्या रणनीति बनाएं, इस पर भी मजबूती से चर्चा नहीं हो सकी।
बैठक में पंजाब सचिव सतनाम बिट्टा, वरिंदर शर्मा, अनिल दत्ता और सतपाल मल्ल भी पहुंचे। उनके अलावा कौंसलर जगदीश राजा, महिला कांग्रेस प्रधान किट्टू ग्रेवाल, सीनियर लीडर अमृत खोसला सहित तमाम ब्लॉक आॅफिसर हाजिर थे।
युवा वर्करों ने अपने लिए टिकटों का कोटा बढ़ाने की मांग की। वहीं, महिला कांग्रेस वर्करों ने अपने लिए सीटें मांगी। बोले, पुरानी लीडरशिप को बार-बार टिकटें देने से बाकियों को तरक्की नहीं मिलती, ही उत्साह मिलता है। जब एजेंडे से अलग ही बातें होने लगीं तो हरीश चौधरी ने कहा कि वह हरेक को अलग से अपनी बात कहने के लिए वक्त देंगे। राजिंदर बेरी ने भी यह बात कहकर सबको शांत करने की कोशिश की। इस चक्कर में पार्टी के भविष्य को बचाने पर बात नहीं हो सकी।
कैप्टन-बाजवा की खींचतान बंद कराने की मांग : लोकललीडरशिप ने हरीश चौधरी से कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रताप सिंह बाजवा की अपनी-अपनी प्रधानगी बचाने को लेकर चल रही खींचतान बंद कराने की बात भी वर्करों ने कही है।
कांग्रेस भवन में वर्करों के गुस्से को कई बार हरीश चौधरी शांत करते दिखे।
पंजाब मामलों के सह प्रभारी हरीश चौधरी आए वर्करों से फीडबैक लेने