डीएवी स्टूडेंट ने लिए ऑटोग्राफ
तू रंग शरबतों का ...
डीएवी में मैनेजमेंट कमेटी ने सम्मािनत किया
एचएमवी मंे प्रिंसिपल ने किया सम्मािनत
डीएवी के लॉन में गीतकार इरशाद कामिल अपनी नई किताब एक महीना नज्मों का...से नज्में सुना रहे थे। किसी गीतकार को सुनने, देखने, ऑटोग्राफ लेने और सेल्फी खिंचाने के लिए ऐसी भीड़ जालंधर में पहली बार देखने को मिली। जिस बालकनी से ये तस्वीर ली गई है, कभी वहां से गजल सम्राट जगजीत सिंह जो तब स्टूडेंट थे प्रार्थना गाया करते थे। (इनसेट) डीएवी में जियोग्राफी डिपार्टमेंट की बालकनी में बैठीं लड़कियां। -भास्कर
डीएवी में अपनी किताब एक महीना नज्मों का...पर स्टूडेंट्स को ऑटोग्राफ देते हुए कामिल।
जब वी मैट, रॉक स्टार, लव-आजकल, चमेली सहित कई बॉलीवुड फिल्मों के हिट गाने लिख चुके इरशाद कामिल वीरवार को शहर में थे। वह डीएवी कॉलेज और एचएमवी में स्टूडेंट्स से मिले। उन्होंने अपनी बॉलीवुड जर्नी स्टूडेंट्स के साथ सांझा की। साथ अपनी नज्मों की किताब एक महीना नज्मों के बारे बताया। उनको मिलने के लिए बड़ी संख्या मंे स्टूडेंट्स पहुंचे।
डीएवी में गीतकार इरशाद कामिल को सम्मानित करते हुए डीएवी मैनेजमेंट के खजांची महेश चोपड़ा, प्रिंसिपल डॉ. बीबी शर्मा, प्रो. अनूप वत्स, प्रो. केएल सैनी, प्रो, शरद मनोचा और डॉ. संजीव डावर। -भास्कर
एचएमवी में गीतकार इरशाद कामिल को सम्मानित करती हुईं प्रिंसिपल डॉ. रेखा कालिया भारद्वाज। साथ में प्रो. गोगिया और कामिल के पीयू चंडीगढ़ में साथ पढ़े करीबी दोस्त आरके आर्य कॉलेज में प्रोफेसर डॉ. संजीव डावर।
डीएवी कॉलेज में स्टूडेंट्स ने कामिल के लिखे गीत भी गाए। एक स्टूडेंट ने तू रंग शरबतों का मैं मीठे घाट का पानी। एक अन्य स्टूडेंट ने धुनकी धुनकी बाजे...गीत सुनाया। -भास्कर