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गौतम नगर के वेल्डर के मर्डर की शून्य एफआईआर दर्ज

6 वर्ष पहले
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धालीवाल कादियां से खेत से मिली थी लाश, सिर पर थे जख्म, वेल्डर के दोस्त पर था आरोप, लेकिन लांबड़ा पुलिस ने जांच नहीं की

गौतमनगर के रहने वाले वेल्डर विकास सिंह उर्फ मनू की करीब आठ महीने पहले हुई संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने मर्डर की शून्य एफआईआर दर्ज की है। इंसाफ के लिए मनू की प|ी नीतू देवी ने कोर्ट में एप्लीकेशन दायर की थी। थाना बस्ती बावा खेल की पुलिस ने शून्य एफआईआर दर्ज कर मामला लांबड़ा पुलिस के पास भेजने के लिए फाइल अपने सीनियर को भेज दी है।

एसीपी (वेस्ट) रविंदर पाल सिंह संधू का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज किया गया है, लेकिन लाश धारीवाल कादियां में खेत से मिली थी। थाना लांबड़ा पुलिस ने सीआरपीसी की धारा-174 के तहत कार्रवाई की थी। वहीं थाना लांबड़ा के एसएचओ मलकीत सिंह ने तर्क दिया कि मनू बस्ती बावा खेल से अगवा हुआ था तो केस की जांच शहरी पुलिस करेगी। एसएचओ मलकीत सिंह बोले उनके पास कोई एफआईआर नहीं आई है।

गौतम नगर की रहने वाली नीतू सिंह ने स्टेटमेंट में कहा है कि उसकी शादी आठ साल पहले विकास सिंह उर्फ मनू से हुई थी। एक बेटा और एक बेटी है। पति वेल्डिंग का काम करता था। बीते साल 14 जून को मनू को उसका दोस्त जट्ट बाइक पर बैठा यह कह कर ले गया कि कादियां में धार्मिक स्थल जाना है। रात तक मनू नहीं लौटा तो उसकी तलाश शुरू की गई। राहुल का कहना था कि रात को भाई का दोस्त जट्ट बस्ती बावा खेल नहर के पास मिला। भाई के बारे में पूछा तो जट्ट बोला कि उसने मनू को शाम को क्षेत्र में छोड़ दिया था। वह किसी के साथ गाड़ी में बैठ कर गया था। दूसरे दिन लांबड़ा पुलिस का फोन आया कि धारीवाल कादियां में खेत से एक लाश मिली है। आईडी प्रूफ से शिनाख्त मनू के तौर पर की गई थी। मनू के सिर पर घाव थे, लेकिन नीतू का आरोप है कि थाना लांबड़ा पुलिस ने केस की गहराई से जांच करने की बजाय सीआरपीसी की धारा-174 के तहत कार्रवाई कर लाश पोस्टमार्टम के बाद उनके हवाले कर दी थी।

क्या होती है शून्य एफआईआर

संगीनकेस में देश के किसी भी हिस्से में शिकायत मिलने पर पुलिस शून्य एफआईआर दर्ज करती है। यह एफआईआर उस थाने की पुलिस स्टेशन में भेज दी जाती है, जहां पर अपराध हुआ हो। इससे पहले डेढ़ साल पहले भोपाल पुलिस ने रेप की शून्य एफआईआर दर्ज कर जालंधर के थाना डिवीजन नंबर एक में भेज दी थी। भोपाल की रहने वाली पीड़िता का आरोप था कि कालिया कालोनी में एक धार्मिक स्थल में उसके साथ जबरदस्ती की गई थी। हालांकि इस केस में कोर्ट में पीड़िता मुकर गई थी और आरोपी बरी हो गया था।

नीतू देवी अपने पति मनु के साथ। (फाइल फोटो)