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पी-कैटेगरी के क्लब मेंबर्स की वोट खतरे में
जिमखानाक्लबमें पी-कैटेगरी के मेंबर्स की वोट को लेकर अंदरूनी तौर पर घमासान मचा हुआ है। इस कैटेगरी के अंतर्गत 77 मेंबर्स की वोट खतरे में है। इनमें से 59 मेंबर्स जोकि उस समय के ऑनरेरी सेक्रेटरी दलजीत सिंह छाबड़ा ने बनाए थे, को क्लब प्रधान कमिश्नर आर वेंकटर|म ने मंजूरी नहीं दी थी। इसकी रिपोर्ट इन दिनों वेबसाइट पर भी है। ऐसे में अभी तक इन 59 मेंबर्स को वोट देने के अिधकार दिए जाएंगे या नहीं, इसका खुलासा नहीं हो पाया है। अभी इनके वोट बनाने पर भी रोक लगा दी गई है।
चर्चा है कि इन मेंबर्स की मेंबरशिप को कैंसिल कर दिया गया है। लेकिन इस मुद्दे को एजीएम में नहीं उठाया जाना सवालिया निशान लगा रहा है। बताया जा रहा है कि इन सभी पी-कैटेगरी के मेंबर्स की मेंबरशिप बिना प्रधान की मंजूरी के छाबड़ा ने अपने स्तर पर बना ली थी। इस बात का प्रधान ने विरोध भी किया। उस समय के कैशियर नरिंदर शेरगिल पर इनकी मेंबरशिप पर रोक लगाने की बात कही जा रही है। उन्होंने इन 77 में से 18 को ही मेंबरशिप दी और बाकियों को कैंसिल करने को कह दिया। अब बाकी पी-कैटेगरी के मेंबर्स को वोटिंग राइट दिया जाएगा या नहीं, इसका खुलासा नहीं किया जा रहा है। क्योंकि इन मेंबर्स की मेंबरशिप कैंसिल किए जाने का कोई लिखित आदेश भी जारी नहीं हुआ है। हालांकि इसकी रिपोर्ट वेबसाइट पर जरूर डाली जा चुकी है।
आज पैसा जमा हुआ तो वोट नहीं डाल सकेंगे मेंबर्स
क्लबने जिन मेंबर्स का पैसा जमा नहीं हुआ है, उनको आखिरी मौका 11 दिसंबर शाम पांच बजे तक ही दिया है। अगर वह इस दौरान अपने ड्यूज क्लियर नहीं करवाते हैं, तो उन्हें वोट नहीं डालने दी जाएगी। ऐसे अभी 600 से ज्यादा मेंबर्स हैं। मेंबर्स भी वोट डालने के लिए पैसा जमा करवाने को उत्साह नहीं दिखा रहे हैं। पैसे जमा नहीं करवाने वाले कुछ मेंबर्स में ऐसे मेंबर्स भी शामिल हैं, जोकि कई सालों से पैसा नहीं दे रहे हैं। उनको वोट का राइट्स भी नहीं दिया जा रहा है। लेकिन अब क्लब के जीएम का कहना है कि अगर ज्यादा पुराने मेंबर्स हैं जोकि कई सालों से डिफॉल्टर हैं तो उनकी मेंबरशिप को टर्मिनेट भी किया जा सकता है। कुछ साल पहले ऐसे ही मेंबर्स को टर्मिनेट किया जा चुका है। इनमें से बहुत सारे मेंबर्स ऐसे हैं जो विदेश में हैं या फिर शहर से बाहर हैं। क्लब सदस्यों में कुछ नेता और पुराने अफसर भी हैं जो पैसा नहीं जमा करवा रहे ह