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साई की टेटे कोच नरिंदर पर प्राइवेट कोचिंग का आरोप

7 वर्ष पहले
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जालंधरमेंसाई की टेबल टेनिस कोच नरिंदर कौर पर अभिभावक सुमित गोयल ने प्राइवेट कोचिंग देने का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि वह अपने खिलाड़ियों को कोचिंग देकर बाहर जाकर पैसे लेकर कोचिंग देती हैं। इससे जालंधर में टेबल टेनिस के खिलाड़ियों का करियर खत्म हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री और स्पोर्ट्स अथॉरिटी आफ इंडिया को ऑनलाइन कंप्लेंट की थी। इस पर सोमवार को चंडीगढ़ से साई के डिप्टी डायरेक्टर रितु ए. पथिक जांच करने स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट पहुंचीं। उन्होंने दोनों पक्षों को बुलाकर बयान लिए। कोच नरिंदर कौर ने स्टेडियम में खेलने आने वाले दूसरे खिलाड़ियों और अभिभावकों को बुलाकर बयान दिलवाए हैं। दोनों पक्षों के बीच बहस भी हुई। सुमित गोयल ने जांच अधिकारी के सामने आरोप लगाए कि कोच नरिंदर कौर तीन-तीन महीने स्टेडियम में नहीं आती हैं। एक व्यक्ति को असिस्टेंट रखा है जो खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देता रहता है। ट्रेनिंग नहीं मिलने की वजह से खिलाड़ी स्टेडियम को छोड़ रहे हैं। स्टेडियम में मात्र अब चालीस बच्चे ही बचे हुए हैं, जबकि कुछ साल पहले तक यहां तीन सौ खिलाड़ी खेलने आते थे। उन्होंने कहा कि यदि कोच को यहां से नहीं हटाया गया तो यह स्टेडियम बंद ही हो जाएगा।

जांच अधिकारी रितु ए. पथिक का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान को दर्ज किया गया है। अभी मामले को सुना गया है। तीन से चार दिन के बाद इस मामले की रिपोर्ट बनाकर डायरेक्टर संजीव शर्मा को सौंपी जाएगी। उनके स्तर पर ही कार्रवाई की जाएगी। उधर, कोच नरिंदर कौर का कहना है कि उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। वह लगातार स्टेडियम में खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देती हैं। सुमित गोयल पता नहीं किस कारण से मेरी शिकायत कर रहे हैं। मैं सोमवार सुबह ही देहरादून से इंटर यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट से खिलाड़ियों को लेकर लौटी हूं। तभी डिपार्टमेंट से फोन आया कि आपको जांच ज्वाइन करनी है।

साई की डिप्टी डायरेक्टर रितु पाठक, डीएसओ राकेश कौशल और सुमित।

सूर्या एन्क्लेव में रहने वाले सुमित गोयल का बेटा सूर्यांश टेबल टेनिस की कोच नरिंदर कौर से ट्रेनिंग लेता है। वह मंडी रोड पर चाय का व्यापार करते हैं। जालंधर में टेबल टेनिस की खराब हालत को देखकर कई जगह इसकी शिकायत कर चुके है। जब कहीं से कोई कार्रवाई नहीं हुई तो प्रधानमंत्री और स्पोर्ट्स अथॉरिटी आफ इंडिया से शिकायत दर्ज की। इसके बाद जांच