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रामलीला @ वट्सअप

7 वर्ष पहले
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रामलीला करना मात्र ही मकसद नहीं, संस्कार संस्कृति का प्रसार है उद्देश्य

1979से बतौर चिल्ड्रन ड्रामेटिक क्लब रामलीला का मंचन शुरू करने वाला भगवान शिव मंदिर रामलीला क्लब कीर्ति नगर लाडोवाली रोड इस बार अपनी 35वीं रामलीला का मंचन कर रहा है। क्लब के सदस्यों ने जब देखा कि रामलीला देखने कम लोग पहुंच रहे हैं तो उन्होंने वीडियो क्लीपिंग्स को वट्सअप पर शेयर करना शुरू कर दिया। अब सभी सदस्य रामलीला मंचन की वीडियो क्लीपिंग्स को रोजाना अपने कांटेक्ट्स में शेयर कर रहे हैं। खासकर यूथ को जोड़ने के लिए क्लब ने ये तरीका अपनाया।

14 साल की उम्र में दरी बिछा कर रामलीला नाइट की शुरुआत करने वाले हाल डायरेक्टर रवि बमोत्रा कहते है - जब उन्होंने रामलीला शुरू की थी तो पैसे की तंगी जरूर खली थी। मगर पहले दिन के बाद सहयोग इतना मिलता गया आज भी रामलीला कर रहे हैं। वह कहते हैं कि जब से वह रामलीला में रोल डायरेक्टर के तौर पर काम करते रहे, उनकी हर मुश्किल भी हल होती गई। उस दौर में रामलीला का बहुत क्रेज था तो लोग दिन डलने के बाद ही रामलीला ग्राउंड में जुटने शुरू हो जाते थे। जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी का दौर बदलता गया। इस पथ से अधिकतर यूथ हटता गया। इसलिए क्लब की तरफ से इस बार पहली बार वट्सअप पर क्लिपिंग डाल कर यूथ तक मैसेज पहुंचाने के लिए कदम बढ़ाया जा रहा है। यह महज रामलीला नहीं आज के दौर की भी व्यथा ऐसी है, मगर श्रीराम ने अपने अवतार से हर दौर से गुजरने का रास्ता बताया है। वह कहते हैं कि उनका मकसद सिर्फ मंचन करना नहीं बल्कि संस्कार संस्कृति का प्रसार करना है।