भगवान श्रीराम ने किया ताड़का का वध
श्रीदुर्गा ड्रामेटिक क्लब शिवबाड़ी मंदिर मखदूमपुरा में रामलीला मंचन के दूसरे दिन श्री राम जन्म और ताड़का वध का मंचन किया गया। श्री राम के जन्म के लिए सारी नगरी को सजाया गया था। हर तरफ खुशियों का माहौल था। उन्हीं दिनों में राक्षसों का आतंक भी बढ़ता जा रहा था। कुछ सालों बाद दशरथ (रोहित) का दरबार का दरबार सजा। विश्वामित्र (नरेश कुमार जख्मी) दशरथ के पास मदद करने के लिए पहुंचे। वह दशरथ से राम (मोहित), लक्ष्मण (गौरव) के उनके साथ भेजने के लिए कह रहे थे। यह सुन दशरथ बोले - वह तो अभी बहुत छोटे हैं..। तभी विश्वामित्र बताते हैं कि श्रीराम का जन्म ही राक्षसों के उद्धार करने के लिए हुआ है। वह जाकर राक्षसों का वध कर देते हैं। उसके बाद ताड़का (बचन लाल) भी अत्याचार होता है और श्रीराम उसका भी उद्धार करते हैं। क्लब की तरफ से तीन अक्टूबर को दशहरा भी मनाया जाएगा। यहां डायरेक्टर शाम सुंदर, प्रधान रिषी कुमार, मुख्य सलाहकार राजेश कुमार, उपप्रधान राहुल शर्मा, सेक्रेटरी अंकुश शर्मा, मेकअप डायरेक्टर संजीव कुमार केटी, म्यूजिक डायरेक्टर विक्की शर्मा, अंकुश, गोच्छा कल्याण, अनुज सूरी, मयंक सूरी, गौरव सूरी मौजूद थे।
कीर्ति नगर में रामलीला क्लब ने ताड़का वध का मंचन किया।
मखदूमपुरा शिवबाड़ी मंदिर में राजा दशरथ का दरबार सजा।
राम मंच कला केंद्र गढ़ा की ओर से रामलीला कराई गई। इसमें चेयरमैन विजय कुमार, प्रधान अश्विनी कुमार, सुधीर चौहान, सुनील दत्त, रनेश, कृष्ण खुराना आदि का सहयोग रहा।
जय जगदम्बे मां रेलवे ड्रामेटिक क्लब ने रामलीला करवाई। रावण के रूप में वरिंदर वर्मा वेदवती-अजय पाठक बने। यहां प्रधान सुदेश कुमार, चेयरमैन निर्मल सिंह, डायरेक्टर संजय शर्मा थे।
श्री राम नाटक कला मंच ने महालक्ष्मी मंदिर जेल रोड में रामलीला दौरान रावण अत्याचार मंचन के दौरान भगवान शिव रावण को किरपाण देते हुए। यहां संदीप अरोड़ा, तिरलोक चुघ, गुलशन कपूर भी थे।