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खुद को बाथरूम में बंद कर सरकारी मुलाजिम बोला मैंने सल्फास निगली, दरवाजा तोड़ बाहर निकाला

7 वर्ष पहले
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पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया, मेडिकल जांच में नहीं मिली सल्फास

भास्करन्यूज|जालंधर

फिल्लौरमें 29 साल के सरकारी मुलाजिम ने घर में नशीला पदार्थ निगलकर खुद को बाथरूम में बंद कर लिया और कहने लगा कि सल्फॉस निगल ली है। पुलिस ने उसे दरवाजा तोड़कर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। दीपक (29) पुत्र विजय कुमार ने बताया कि वह सरकारी मुलाजिम है। उसके पिता की 15 साल पहले मौत हो चुकी है। उसने सल्फॉस की गोलियां निगली हैं। साथ आए मामा कुलभूषण शर्मा ने बताया कि दीपक की अप्रैल 2013 में पंचकूला की लड़की से शादी हुई थी। बहू के दबाव में दीपक मां के खिलाफ हो गया। मां ने दोनों को बेदखल कर दिया। वह प|ी के साथ लुधियाना में किराए पर रहने लगा। झगड़े के बाद 2 मई को प|ी भी उसे छोड़ मायके चली गई और दीपक पर दहेज मांगने का केस करवा दिया, जिसकी 18 तारीख को सुनवाई है।

मां वीना का कहना है कि बेटे से तंग आकर उसने दोनों को बेदखल किया था। शुक्रवार शाम दीपक घर पर नशे की हालत में आया। उस पर हाथ उठाया। उसे घर से निकालने के बाद चंडीगढ़ रह रही बेटी को बुला लिया। शनिवार सुबह दीपक फिर आया तो बेटी ने दरवाजा नहीं खोला। वह गेट फांदकर अंदर आया और बोला कि उसने कुछ खा लिया है। उसने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया। उन्होंने फिल्लौर थाने की पुलिस को बुला लिया। दरवाजा तोड़ उसे बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। वीना ने कहा कि उसका नशेड़ी बेटा 18 सितंबर को केस की तारीख के डर से नशीला पदार्थ खा ड्रामा कर रहा है।

सिविल अस्पताल जालंधर की मेडिकल अफसर डॉ. प्रिया ने कहा कि मरीज कह रहा है कि उसने सल्फॉस खाई है, जबकि सल्फॉस के कोई लक्षण नहीं है। प्राथमिक जांच में सामने रहा है कि उसने नशीला पदार्थ निगला है।