जालंधर। बशीरपुरा में 27 नवंबर को मैनहोल में गिरे ढाई साल के चिराग के मामले में जांच रिपोर्ट से साफ हो गया है कि यह घटना दो मुलाजिमों अशोक कुमार और देवराज की गलती से हुई है। रिपोर्ट में हालांकि एक्सईएन हरविंदर कुमार ने यह साफ नहीं किया कि गलती क्या थी। घटना के बाद निगम कमिश्नर जीएस खैहरा ने जांच के आदेश दिए थे। हरविंदर कुमार ने बताया कि मैंने उसी दिन रिपोर्ट सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर पीएस जग्गी को सौंप दी थी।
वहीं, निगम कमिश्नर ने बताया कि मुझे रिपोर्ट दो दिन पहले ही मिली है। रिपोर्ट में लिखा है कि दो मुलाजिमों की गलती से बच्चा मैनहोल में गिरा। इसमें गलती और लापरवाही क्या थी इसका कोई विवरण नहीं किया गया है। इसके अलावा रिपोर्ट में लिखा गया है कि कोई सेफ्टी बंदोबस्त हमारे पास नहीं थे। खैहरा ने कहा कि मैंने दोबारा रिपोर्ट तलब की है जिसमें सेफ्टी बंदोबस्त का पुख्ता ढांचा तैयार करने का प्लान और मुलाजिमों की गलती के डिटेल दी जाए, ताकि उन पर जरूरी कार्रवाई की जा सके।
बता दें कि ढाई साल का चिराग 27 नवंबर की सुबह उस समय मैनहोल में गिर गया था जब वह अपनी मां मीनाक्षी के साथ दुकान में बिस्कुट लेने गया था। घर लौटते समय अचानक वह खुले मैनहोल में गिर गया था। वह पूरी तरह से सीवर में डूब चुका था। उसका हाथ दिखाई देने पर उसकी मां मीनाक्षी ने उसे बाहर निकाला था।