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लाश दोहा वापस भेजी, सुबह पहुंचेगी डेड बॉडी
भास्कर न्यूज | जालंधर/आदमपुर
दोहाकतर सेआई गलत लाश को वीरवार दोपहर को वापस भेज दिया। लाश लेने दोहा एंबेसी के अफसर भी आए थे। वह शव लेकर अमृतसर हवाई अड्डे से रवाना होंगे। डीसी कमल किशोर यादव ने बताया कि दोहा से शुक्रवार सुबह हैप्पी का शव वापस जाएगा। सुबह 11 बजे संस्कार कर दिया जाएगा।
दोहा में हैप्पी के साथ रहते उसके मौसेरे भाई हरजिंदर सिंह ने बताया कि हैप्पी की मौत के बाद जब अधिकारियों ने उन्हें शिनाख्त के लिए बुलाया तो उन्होंने शक जाहिर किया था कि शव हैप्पी का नहीं है। लेकिन अधिकारियों ने उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया। बोले - जलने के कारण बॉडी काली हो गई है। उन्होंने नहीं सुनी और शव भारत भिजवा दिया। हरजिंदर सिंह का कहना है कि हैप्पी रबाब के पास काम करता था। रबाब ने हैप्पी के पैसे नहीं दिए थे। इस बात को लेकर दोनों में कहासुनी भी हुई थी। रबाब की शिकायत पर हैप्पी को जेल में डाल दिया गया। 2 सितंबर को हैप्पी ने घर बात कर पैसे भी मंगवाए थे ताकि वापस भारत सके। लेकिन इससे पहले ही 5 सितंबर को जेल में गैस पाइप में विस्फोट हो गया। इसी में हैप्पी समेत पांच लोग मारे गए थे।
जेल में हैप्पी की मौत
छोड़ दिया था जाने का इरादा, मां-बाप ने भेज दिया
आदमपुर| हैप्पीपहले दोहा कतर जाना चाहता था। एजेंटों से भी बात की। लेकिन बहन की शादी में खर्च होने के बाद उसके पास पैसे नहीं बचे थे। उसने दोहा जाने का इरादा छोड़ दिया था। अप्रैल में नवांशहर के बाड़माजरा के एजेंट गुरपाल ने फोन किया कि वीजा गया है। उसे दोहा में ड्राइवरी के वीजा पर भेजा गया। हैप्पी पहले मना कर आया। हैप्पी के पिता जसपाल सिंह और मां कर्मजोत ने किसी से 65000 रुपए उधार लेकर उसे दोहा भेजा। बाकी 20 हजार नौकरी लगने के बाद देने थे। पिता बताते हैं कि वहां बेटे को ड्राइवर की नौकरी नहीं मिली और वह बकरियां चरा रहा था।