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बस स्टैंड ब्लास्ट में आतंकी पोसी को अमेरिका से लाएगी पुलिस
satpal.kushwaha@dbcorp.in
बसस्टैंड परअप्रैल और मई 2006 के दो बम ब्लास्ट की साजिश में पुलिस आतंकवादी बलविंदर सिंह पोसी को अमेरिका से लाएगी। उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। एडीसीपी क्राइम जे. इलांचेइयन इसके लिए सीबीआई हेडक्वार्टर दिल्ली गए हैं। बलविंदर सिंह जाली दस्तावेजों पर शरण लेने के मामले में अमेरिकी पुलिस की हिरासत में है।
होशियारपुर में गढ़शंकर के गांव पोसी का बलविंदर सिंह खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के चीफ रंजीत सिंह नीटा के नेटवर्क से जुड़ा बताया जाता है। उसे भारत लाने की प्रक्रिया एक साल पहले शुरू हुई। तब एफबीआई के अफसर सीबीआई हेडक्वार्टर आए थे। प्रत्यर्पण के लिए सीबीआई नोडल एजेंसी है। इसके बाद यूएस ने पोसी को फर्जी पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस के साथ पकड़ा था। इस मामले में अमेरिकी कोर्ट में जब पेशी हुई तो उसने खुद को बलजीत सिंह बताया था। डीसीपी नवीन सिंगला ने बलविंदर सिंह पोसी को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू होने की पुष्टि की है। सीबीआई प्रवक्ता ने मामले की पुष्टि नहीं की है।
बलविंदर पोसी
28 अप्रैल 2006 पहले ब्लास्ट में तीन बस यात्रियों की मौत हुई थी
28अप्रैल, 2006 की शाम नंगल डिपो की बस में देसी बम के धमाके से 20 से ज्यादा लोग जख्मी हुए। तीन की मौत हुई। फॉरेंसिक जांच से पता चला कि इसमें पोटाश, गंधक, तेजाब वाले कैप्सूल और लोहे की पाइप इस्तेमाल हुए।
24मई 2006 रोडवेज की खाली बस में किया था दूसरा धमाका
पहलेब्लास्ट की फॉरेंसिक जांच अभी पूरी हुई ही थी कि बस स्टैंड में रोडवेज की बस में 24 मई 2006 को इसी तरीके का ब्लास्ट हुआ था। उस समय बस खाली थी। यह बस कपूरथला जानी थी।
पोसी को पंजाब पुलिस लाना चाहती है। प्रत्यर्पण के लिए सीबीआई नोडल एजेंसी है। इसीलिए सीबीआई के जरिए अमेरिका से बात हो रही है।
एसजीपीसी मेंबर कुलबीर सिंह बड़ापिंड का सात साल पहले अमेरिका से प्रत्यर्पण हुआ। यूएसए ने उसे इस शर्त पर सौंपा था कि उस पर किसी राजनेता, सरकारी नौकर या पुलिस मुलाजिम के मर्डर और हत्या के प्रयास का मुकदमा नहीं चलेगा। उस पर तीन मर्डर केस चले, मगर आरोप साबित नहीं हुए। अभी वह खालिस्तान मिशन के लिए फंडिंग करने और अवैध असलहा रखने के मामले में न्यू नाभा जेल में बंद है। एडीजे एमएस ढिल्लों की कोर्ट में इस केस में 24 सितंबर को बहस होगी।
इन धमाकों में ग