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निगम हाउस बैठा तो नहीं बनेंगी सड़कें

7 वर्ष पहले
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parveen.kumar@dbcorp.in

निगमहाउस औरएफएंडसीसी की मीटिंग होने के कारण सड़कों के टेंडर अटके हैं और लोग तड़प रहे हैं।

हर वार्ड में 50 लाख रुपए के काम होने हैं। ज्यादातर सड़कों के हैं। 227 फाइलें तैयार हैं। कुल ग्रांट 111 करोड़ की है, कंस्ट्रक्शन के लिए टेंडरों की फाइलें वित्त एंड ठेका कमेटी में मंजूरी होने तक रिलीज नहीं कराई। अक्टूबर-नवंबर में कंस्ट्रक्शन का काम पूरा किया गया तो आगे सर्दी के सीजन में लुक के प्लांट बंद हो जाएंगे जिससे सड़कों का इंतजार अगले साल तक लंबा हो जाएगा।

कौंसलरोंके विरोध के डर से नहीं हुई मीटिंग : पार्षदोंके एक जगह बैठने से सड़कों के प्रोजेक्टों पर हाउस की एकजुट कोशिश नहीं हो रही। एफएंडसीसी ने नए प्रोजेक्टों को मंजूरी देनी होती है। ये काम अटका है। इससे पहले हाउस ने एजेंडा पास करना होता है, ये काम भी नहीं हो रहा। पिछले दिनों मेयर हाउस में गुप्त मीटिंग करके दोनों बैठकों के लिए सहमति बनाने की कोशिश की थी, जो पूरी हो सकी। मिंटा कोछड़, रवि महेंद्रू और नाराज सीनियर भाजपा पार्षदों का गुस्सा शांत होता देख, फिलहाल हाउस की बैठक लाने की कवायद रोक ली है।

नगर निगम पर पैचवर्क और बाकी तमाम तरह के 13 करोड़ के कामों में पैसे के गोलमाल की शिकायत करने वाले सीनियर डिप्टी मेयर कमलजीत सिंह भाटिया शुक्रवार को विजिलेंस दफ्तर जाएंगे। विजिलेंस अफसरों को बयान रिकार्ड करवाएंगे। दस्तावेज भी दे सकते हैं। भाटिया ने महीनों पहले उक्त शिकायत दी थी। निगम ने विजिलेंस से कहा था कि पैचवर्क 88 लाख का ही हुआ है। दो दिन भाटिया बयान देने नहीं जा सके थे। अब वह शुक्रवार को जाएंगे।

हाईकोर्ट ने नगर निगम को आदेश दिए हैं कि 16 अक्टूबर तक ठेकेदार विजय कुमार को बकाया पेमेंट की जाए। विजय कुमार ने बीएंडआर और बाकी कामकाज किए थे। उन्होंने करीब 75 लाख रुपए की रकम निगम से लेनी है। महीनों से पेमेंट हुई तो विजय हाईकोर्ट गए थे। वीरवार को उक्त आर्डर निगम के नाम आए। इससे पहले 25 करोड़ की पेमेंट ठेकेदार लॉबी के हाईकोर्ट जाने पर निगम ने हुडको से लोन लेकर की थी।

} मेयर सुनील ज्योति हाउस की बैठक नहीं करवा पा रहे। माना जा रहा है कि वह अकाली-भाजपा खेमे के आंतरिक विरोध में घिरे हैं। बैठक होने के चलते कंस्ट्रक्शन वर्क को मंजूरी नहीं मिल रही।

} डिप्टी सीएम सुखबीर बादल से महीनों बाद फंड्स मांगने गए