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आधी रात अस्पताल के बाहर मरीज के घर वालों का धरना
रेडियोस्टेशन से सटे लाजवंती अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही के चलते महिला मरीज की मौत का आरोप लगाते हुए उसके परिजनों ने देर रात अस्पताल के बाहर धरना दिया। हालांकि डॉक्टर का कहना था मरीज की मौत नहीं हुई है। उसे वेंटीलेटर पर रखा गया है। अस्पताल के बाहर हंगामा रात 10 से देर रात डेढ़ बजे तक चलता रहा। पुलिस लोगों को शांत करने की कोशिश कर रही थी।
सुभाना की रहने वाली राज रानी प|ी बलवीर सिंह को पित्ते की पत्थरी थी। एक साल से दवाई खा रही थी। राज रानी के ससुर तरसेम लाल ने बताया कि बुधवार को उसकी बहू को दर्द होने लगी, जिस पर उसको लाजवंती अस्पताल दाखिल करवाया गया। डॉक्टर ने ऑप्रेशन के कुछ घंटों बाद ही छुट्टी दे दी। इसके बाद सोमवार को राज रानी का पेट फूल गया, जिस पर फिर से अस्पताल लाए, डाक्टर ने टीका लगाने के बाद फिर वापस भेज दिया। इसके बाद राज रानी को मंगलवार फिर से दर्द हुआ। शाम पांच बजे के करीब उनको फिर लाजवंती लाया गया। जहां डॉक्टर ने दस बोतलें खून चढ़ाईं। रात दस बजे उनको पता लगा कि राज रानी की मौत हो गई है। उनका आरोप था कि राज रानी के पहले किए आप्रेशन में गड़बड़ी के बाद जब मंगलवार को फिर से आप्रेशन के लिए पेट को खोला, तो ज्यादा खून बहने के कारण उसकी मौत हो गई है। डाक्टर पैसे बनाने के लिए वेंटीलेटर पर डाले हुए है। इसके कारण ही राज रानी की बहन बलवीर कौर और बाकी परिजनों ने धरना दिया। राज रानी के पति बलवीर सिंह सात महीने पहले ही मस्कट गए हैं और दो बेटों में से बड़ा बेटा अजयपाल (21) ढाई साल से दुबई में है, जबकि छोटा बेटा राजपाल (18) पढ़ाई करता है।