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नगर कौंसिल चुनाव के बाद शुरू होगा सॉलिड वेस्ट प्रोजेक्ट

7 वर्ष पहले
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पहलेविधानसभा चुनाव के चलते सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट रोके रखा। फिर नगर निगम चुनाव गए। नए निगम ने सॉलिड वेस्ट लागू करने का फैसला किया, लेकिन सरकार को लोकसभा चुनाव में कम्यूनिटी वोटों की चिंता पड़ गई। इन चुनाव में हार के बाद जून में प्रोजेक्ट चालू करने लगे थे, लेकिन मुलाजिमों के विरोध के चलते सरकार फिर झुक गई। अब नगर कौंसिल चुनाव गए हैं। लोकल बाॅडीज विभाग से ताजा अपडेट ये है कि काउंसिलों के चुनाव के बाद ही सॉलिड वेस्ट प्रोजेक्ट चालू होगा। इसी बीच प्रोजेक्ट के लिए 25 साल का कांट्रेक्ट कर चुकी जिंदल पावर कंपनी परेशान हो गई है। हालांकि उसके दूसरे शहरों में भी प्रोजेक्ट चल रहे हैं, इस लिए तेवर नरम हैं। उसे पहली सितंबर से नगर काउंसिलों में काम चालू करने को कहा गया था। लेकिन 16 दिन बीतने पर भी उसे काम चालू नहीं करने दिया गया है। कांट्रेक्ट तो कूड़ा उठाने का जिंदल पावर के साथ है, लेकिन काम ठेकेदार कर रहे हैं।

दस जून से जालंधर सिटी में सॉलिड वेस्ट प्रोजेक्ट चालू करने का टारगेट रखा था। सरकार मुलाजिमों की हड़ताल के आगे झुक गई। तब से अब तक जालंधर सिटी में प्रोजेक्ट शुरू करने पर फैसला नहीं हो सका है। लोकल बाॅडीज विभाग में मंगलवार को चर्चा छिड़ी रही कि अब सरकार कम्यूनिटी वोट का लॉस नगर कौंसिल चुनाव में नहीं सहना चाहती। इन चुनाव का प्रोसीजर अगले महीने से शुरू हो जाएगा। जितनी देर प्रोजेक्ट चालू नहीं होता, लोकल बाॅडीज विभाग ने किराये पर मशीनरी लेकर शहर साफ करने को कहा है। इसमें भी देरी है, क्योंकि ठेके को मंजूरी एफएंडसीसी और निगम हाउस ने देनी है। दोनों ही बैठकों पर सहमति नहीं बन रही।

खालसा स्कूल की नुक्कड़ पर नकोदर रोड के किनारे बने डंप पर बरसात का पानी खड़ा होने के हालात बेकाबू हो गए। सूबेदार यादव, गौतम राय और साथियों ने मंगलवार को कहा कि बदबू से बुरा हाल है। कई बार निगम को कहा है लेकिन सुनवाई नहीं होती। अब दुकानदार बैनर लगाकर निगम को चेतेंगे।

नगर काउंसिलों में जालंधर नगर निगम जितना स्टाफ नहीं है। इसलिए वहां पर पहले ही कूड़ा उठाने का काम ठेके पर है। अलग-अलग ठेके होते हैं। पहला - घर से कूड़ा उठाने का। दूसरा- ट्रालियों से डंप तक ढुलाई। तीसरा- नाली की सफाई। साल में करीब दस करोड़ रुपया इन्हीं ठेकों पर लगता है। करतारपुर, नूरमहल, नकोदर, गोराया, फिल्लौर जैसी प्रमुख काउंसिलों हैं, जालं