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कांग्रेसियों ने निगम दफ्तर में ही मेयर को घेरा

7 वर्ष पहले
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भंडारी और कालिया बच के निकले

शास्त्रीमार्केटसे सफाई अभियान से भाग लेकर लौट रहे मेयर सुनील ज्योति और विधायक कालिया भंडारी को नीले कार्ड के खिलाफ धरना देने पहुंचे कांग्रेसी नेताओं ने निगम परिसर में ही घेर लिया। उन्होंने मेयर और भाजपा गठबंधन सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेसी नेत्री कमलजीत कौर मुल्तानी ने तो मेयर को रोकने के लिए जफ्फा ही डाल लिया। पुलिस मुलाजिम ने किसी तरह मेयर को बचाया। बाद निगम पुलिस ने तुरंत गेट बंद कर कांग्रेसियों को बाहर ही रोक लिया।

इसके बाद कांग्रेसी नेता धरने के लिए विधायक मनोरंजन कालिया के घर पंकज के बाहर जाकर बैठ गए। वहां नारेबाजी की। जबकि उसी समय कालिया उपर मेयर सुनील ज्योति के कमरे में भंडारी के साथ बैठे रहे। वहां से नीचे नहीं उतर कर आए। धरने के दौरान जिला प्रधान डॉ. जसलीन सेठी और मुल्तानी ने भाजपा नेताओं को चूड़ियां और जूतियां तक दिखाई। मुल्तानी ने कालिया के घर का गेट फांद कर अंदर घुसने की कोशिश की। वहां पर उनके साथ वीरेंद्र शर्मा, बंटी नीलकंठ, परमजीत सिंह काहलों, अरुण जैन, निर्मलजीत सिंह निम्मा, अरुण शर्मा पप्पू, पल्लनी स्वामी, अभय सिंह, मनजिंदर जौहल, तरसेम लखोत्रा, सरदारी लाल, डॉ. जसलीन सेठी, देस राज जस्सल, रमेश ग्रेवाल, हरकिशन सिंह बावा, बब्बू नीलकंठ भी थे।

धरने में फंसे मेयर को बचाती निगम पुलिस।

नीले कार्ड जारी करने की मांग

इसीधक्की मुक्की में कांग्रेसी नेता बब्बू नीलकंठ तो मोटर साइकिल पर गिर गए। कुछ महिलाएं भी गिरीं। धरने की अगवाई जिला कांग्रेस प्रधान राजिंदर बेरी कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और अकाली नेता अपने वार्डों में अपने चहेतों को नीले कार्ड बनवाकर दे रहे हैं। जबकि कांग्रेसी पार्षदों को कार्ड नहीं बनने दिए जा रहे हैं। इसमें घोटाला किया जा रहा है। उन्होंने तुरंत कार्ड जारी किए जाने की मांग की।