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इंडियन स्कूल ऑफ माइनिंग जैसा बनाया जाएगा संस्थान का माइनिंग डिपार्टमेंट
एनआईटी में माइनिंग डिपार्टमेंट में चल रहा दो दिवसीय नेशनल सेमिनार शनिवार को संपन्न हो गया। -भास्कर
माइनिंग फील्ड में नाम कमा चुके लोगों को एनआईटी लाने की तैयारी
भास्कर न्यूज | जालंधर
एनआईटीकेमाइनिंग डिपार्टमेंट में चल रहा दो दिवसीय नेशनल सेमिनार शनिवार को इस संकल्प के साथ समाप्त हुआ कि माइनिंग डिपार्टमेंट को इंडियन स्कूल ऑफ माइनिंग धनबाद के बराबरी पर लाकर खड़ा किया जाए। सेमिनार में इंडियन स्कूल ऑफ माइनिंग के ग्रेजुएट स्टूडेंट्स ने अपने-अपने विचार रखे। इसमें उन्होंने कुछ माइनिंग के क्षेत्र में अपना नाम बना चुके लोगों को संस्थान में लाने की सलाह भी दी। इसमें दस नाम को शॉर्ट आउट भी किए गए हैं।
इंडियन कोल फील्ड के पूर्व डायरेक्टर टेक्निकल एसडी गोयल ने कहा कि एनआईटी कैंपस इंडियन स्कूल ऑफ माइनिंग से बिल्डिंग और लैब के माने में कमजोर नहीं है। इसलिए यहां पर स्टूडेंट्स का भविष्य बहुत ही उज्जवल है। केवल यहां कमी है तो टीचिंग स्टाफ की। उसे दूर करने के लिए जल्द ही यहां पर टीचिंग स्टाफ की भर्ती होनी चाहिए। ऐसे व्यक्ति को इस डिपार्टमेंट में लाना चाहिए जो डिपार्टमेंट को पूरी तरह से सेट कर सके।
इसके लिए कुछ लोगों के नाम को सेलेक्ट किया गया है। उनसे बातचीत करके उन्हें संस्थान में बुलाया जा सकता है। एनआईटी के डायरेक्टर प्रो. एसके दास ने बताया कि डिपार्टमेंट को खुले हुए अभी दो साल ही हुए हैं। इसे अपने कार्यकाल में ही पूरी तरह से सेट कर दिया जाएगा। इस डिपार्टमेंट को इंटरनेशनल लेबल पर पहचान बनाए जाने की तैयारी है। जिससे पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जेएंडके, राजस्थान और आसपास के दूसरे राज्यों के स्टूडेंटों को फायदा मिल सके। इस मौके पर चीफ कोआर्डिनेटर डॉ. एमके झा, कोआर्डिनेटर एस बाजपेई, डॉ. एके चौधरी, अरविंद अग्निहोत्री, डॉ. एस घोष, डॉ. एसपी सिंह, डॉ. खोसला, डॉ. एसजेएस बेदी, डॉ. अजय बंसल, डॉ. रेनू गुप्ता, डॉ. संगीता गर्ग, डॉ. पूनम गेरा, डॉ. एनके श्रीवास्तव, रुबलप्रीत, जतिंदर कुमार, डॉ. नीतू दिव्या समेत कई अन्य लोग उपस्थित रहे।